खराब जीवनशैली के कारण बढ़ रहे हैं दिल के मरीज: स्वास्थ्य मंत्री

स्वास्थ्य विभाग और श्री सत्य साईं ह्दय अस्पताल के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय नि:शुल्क ह्रदय जांच शिविर का उद्घाटन

अब ह्दय रोगियों का मुफ्त में होगा आपरेशन, मिलेंगे दस हजार रुपये, आने जाने का खर्च

RANCHI:  स्वास्थ्य मंत्री श्री बन्ना गुप्ता ने कहा है कि जैसे जैसे सुविधासंपन्न हो रहे हैं, वैसे शारीरिक कार्यक्षमता घट रही है।

इस कारण लोग ह्रदय की बीमारी के शिकार हो रहे हैं। यह बहुत चिंता की बात है।

कम उम्र के बच्चे भी दिल की बीमारी से ग्रसित हो रहे हैं। यहां तक कि जन्मजात भी बच्चों के ह्रदय में विकार की समस्या आ रही है।

यह बातें उन्होंने रिम्स के ट्रॉमा सेंटर स्थित सभागार में शुक्रवार को कही। वह राज्य स्तरीय निःशुल्क ह्रदय जांच शिविर के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे।

तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन झारखंड सरकार और प्रशांति मेडिकल सर्विसेज एंड रीसर्च फाउंडेशन द्वारा राजकोट एवं अहमदाबाद में संचालित श्री सत्य साईं ह्दय अस्पताल के साथ झारखंड के मरीजों के मरीजों के लिए करार एक मील का पत्थर साबित होगा।

दोनों के सहयोग और समन्वय से राज्य के ज्यादा से ज्यादा लाभुकों को ह्रदय रोग की रोकथाम और उपचार में लाभ मिलेगा।

अपर मुख्य सचिव  अरुण कुमार सिंह के कार्यों की प्रशंसा करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का दायित्व इन्हें ऐसे विपरीत परिस्थिति में दिया गया

जब पूरी दुनिया कोविड जैसी महामारी से जूझ रही थी। इनके अभिनव प्रयोग और सूझ-बूझ से कोविड महामारी में राज्य के लोगों की रक्षा और सुरक्षा हो सकी।

पोस्ट कोविड के कारण भी ह्रदय के मरीज रोग के मरीज बढ़े हैं। ज्यादा वर्क आउट करने वाले लोग भी दिल के दौरा का शिकार हो रहे हैं।

ऐसे में राज्य की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि हम पोस्ट कोविड के मद्देनजर भी राज्यवासियों की रक्षा कर सकें।

मौके पर अपर मुख्य सचिव  अरुण कुमार सिंह, प्रशांति मेडिकल सर्विसेज एंड रीसर्च फाउंडेशन के मैनेजिंग ट्रस्टी मनोज भिमानी, रिम्स के डायरेक्टर विवेक कश्यप, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक आलोक त्रिवेदी, अपर अभियान निदेशक विद्यानंद शर्मा पंकज, निदेशक प्रमुख डॉ कृष्ण कुमार, उपनिदेशक डॉ आरएन शर्मा, आईईसी सेल के प्रभारी डॉ प्रदीप कुमार सिंह, रांची सिविल सर्जन, रांची डीआरसीएचओ सहित स्वास्थ्य विभाग के तमाम अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।

निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य डॉ कृष्ण कुमार के धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

 

ह्रदय रोग से निजात पाने के लिए शिविरों की श्रृंखला शुरू की गई है: अरुण कुमार सिंह

अपर मुख्य सचिव  अरुण कुमार सिंह ने कहा कि झारखंड में ह्रदय चिकित्सा योजना प्रारंभ की गई है।

इसी कड़ी में राज्यभर के ह्दय रोग से ग्रसित मरीजों को रिम्स में बुलाकर स्क्रीनिंग की जा रही है।

अब शिविरों की श्रृंखला आरंभ की गई है। उन्होंने कहा कि ह्रदय रोग हमारी खराब जीवनशैली की ओर इंगित करती है।

लोगों के स्वास्थ्य में सुधार के लिए 2000 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का संचालन किया जा रहा है।

2000 और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर शुरू कराने का प्रस्ताव है, ताकि लोग बीमार हो ही नहीं इसका प्रयास किया जा रहा है। प्रशांति मेडिकल सर्विसेज एंड रीसर्च फाउंडेशन कई राज्यों में काम कर रहा है, इससे यह प्रतीत होता है कि यह कितना बड़ा संकल्प है।

रिम्स के प्रभारी निदेशक डॉ विवेक कश्यप ने कहा कि सरकार का बड़ा प्रयास है कि ह्रदय रोग से ग्रसित मरीजों का इतने बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग कर उनका निःशुल्क इलाज कराया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग के साथ मिल कर करेंगे काम : मनोज भिमानी

प्रशांति मेडिकल सर्विसेज एंड रीसर्च फाउंडेशन के मैनेजिंग ट्रस्टी  मनोज भिमानी ने कहा कि हमारी संस्था का प्रयास है

कि स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ मिलकर काम करें। स्वास्थ्य विभाग का सहयोग भी मिल रहा है। मांग और आपूर्ति के बीच का हम छोटा हिस्सा हैं,

ताकि राज्य के गरीब, निर्धन और जरूरतमंद ह्रदय रोग से ग्रसित मरीजों को आसानी से सेवा मिल सके।

पांच नवंबर को इन जिलों के मरीजों की होगी स्क्रीनिंग

5 नवंबर को देवघर, पलामू, चतरा, दुमका, गोड्डा, गढ़वा, जामताड़ा, कोडरमा, लातेहार, पाकुड़ और साहेबगंज जिले के ह्दय रोग से ग्रसित मरीजों की स्क्रीनिंग होगी।

6 नवंबर को हजारीबाग, खूंटी, लोहरदगा और रामगढ़ जिले के ह्रदय रोगियों की जांच की जाएगी।

जांचोपरांत मरीजों को प्रशांति मेडिकल सर्विसेज एंड रीसर्च फाउंडेशन द्वारा राजकोट एवं अहमदाबाद में संचालित श्री सत्य साईं ह्दय अस्पताल में रेफर किया जाएगा,

जहां मरीजों का निःशुल्क पूर्ण इलाज किया जाएगा। गंतव्य तक आने जाने हेतु राज्य सरकार की ओर से मरीजों को दस हजार रुपए एक मुश्त राशि दी जाएगी।

 

कई मरीजों ने सराहा कई ने नाराजगी जतायी 

ह्दय जांच शिविर में बाहर के जिलों से आये मरीज और उनके परिजनों ने चिकित्सा शिविर की सराहना की और कई मरीजों के परिजनों ने नाराजगी भी जताई.

शिविर में  पहले निबंधन होने के बावजूद मरीजों को बाद में किये गए निबंधन वाले मरीजों को पहले डाक्टर के पास भेजा जा रहा था इस पर धनबाद से आये मरीजों के परिजनों ने हंगामा किया. परिजनों ने पक्षपात का आरोप लगाया.

9 वर्षीय बच्चे आदित्य तिवारी के दादा टाटीसिल्वे से शिविर में ले कर आए थे, उन्होंने कहा कि सरकार का अच्छा प्रयास है कि ह्रदय रोग से ग्रसित मरीजों का निःशुल्क इलाज कराया जा रहा है।

अखबार में पढ़ कर निःशुल्क ह्रदय जांच शिविर की जानकारी प्राप्त हुई, आमतौर पर ह्दय रोग का इलाज बेहद खर्चीला है और जल्दी ऑपरेशन के लिए समय भी नहीं मिलता, राज्य स्तरीय स्क्रीनिंग के बाद इसके इलाज में आसानी होगी।

राजेश लाल, अशोक नगर

ओरमांझी से 7 साल के बच्चे कार्तिक महतो को उसकी मां अनिता देवी शिविर में ले कर आई थीं, उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी दीदी से जानकारी प्राप्त हुई कि यहां शिविर लगने वाला है। ह्रदय  रोग का निःशुल्क इलाज के लिए राज्य सरकार बहुत बड़ा कदम उठाई है।

ह्रदय रोग का इलाज निःशुल्क और समय पर प्राप्त हो रहा है, यह सराहनीय प्रयास है। स्वास्थ्य विभाग का यह सराहनीय प्रयास है।

पूजा देवी, सुकुरहुट्टू कांके

 

स्वास्थ्य मंत्री ने रिम्स के दो डाक्टरों पर की कार्रवाई

शिविर के उद्घाटन के बाद स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने सुपर स्पेशियलिटी विभाग के लाइब्रेरी में चिकित्सकों के साथ बैठक कर सीटीवीएस एवं कार्डियोलॉजी विभाग में चल रही डाक्टरों के बीच विवाद पर जमकर क्लास ली. बैठक में अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह, रिम्स के प्रभारी निदेशक डॉ विवेक कश्यप, चिकित्सा अधीक्षक डॉ हिरेन बिरुआ सहित अन्य चिकित्सक उपस्थित थे.

और सीटीवीएस विभाग के डॉ राकेश चौधरी पर मरीजों से पैसे लेने के आरोप में कार्रवाई का निर्देश दिया डा चौधरी को सस्सपेंड करने की बात कही. साथ ही कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ प्रकाश कुमार पर कार्रवाई करते हुए एक माह का वेतन काटने का निर्देश दिया है.

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