अस्ताचलगामी सूर्य को छठ व्रतियों ने दिया पहला अर्घ्य

काच्चे ही बांस के बहंगिया ,बहंगी लचकत जाए,,,,,,,,,,,होए ना बलम जी कहरिया

रांची में 31 अक्टूबर को सुबह 5:54 बजे (5 बजकर 54 मिनट) सूर्योदय होगा

छठव्रती इसी समय यानी सुबह 5 बजकर 54 मिनट पर उदयाचलगामी सूर्य को देगें अर्घ्य 

RANCHI:  शुक्ल की षष्ठीं तिथि पर रविवार को व्रतधारियों ने शाम 5 बज 11 मिनट पर अस्ताचलगामी सूर्य को दूध और जल से अर्ध्य अर्पित कर नमन किया।

रांची में 31 अक्टूबर को सुबह 5:54 बजे (5 बजकर 54 मिनट) सूर्योदय होगा. छठव्रती इसी समय यानी सुबह 5 बजकर 54 मिनट पर उदयाचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगे।

 

पुत्र-रत्न, सुख-समृद्धि एवं निरोगी काया की कामना को लेकर छठ व्रतिधारियों ने अर्ध्य दिया।

श्रद्धालु भक्ति की रोशनी में सूरूज देवा की कृपा से निहाल थे। इस दौरान श्रद्धालुओं को सूर्यदेव के सानिध्य का एहसास होता रहा।

मानो सम्पूर्ण स्रष्टि छठ घाट में समायी हुई हो। आधुनिकता के इस युग में व्रती नदी, तालाब,पोखर एवं डैम में शोर-शराबा और लोगों के हुजुम से दूर अपने घरों की छत पर हौज बनाकर सूरत देवता को अर्घ्य दिया।

भक्ति और आध्यात्म से परिपूर्ण सूर्य देव की उपासना का अनुपम

लोकपर्व छठ राजधानी के धुर्वा डैम, कांके डैम, जेल तालाब, लाईन टैंक तालाब, चडरी तालाब, बड़ा तालाब, डोरण्डा बटन तालाब, जोडा तालाब, मधुकम तालाब, सेक्टर थ्री मत्स्य विभाग का तालाब सहित अन्य तालाबों, पोखरों और कुंओं में व्रतियों के साथ सैकड़ों भक्त उमड़े।

हर कदम छठ घाट के समक्ष पहुंच कर ठीठक से गये।

इस दौरान छठी मइया और सूर्यदेव की दिव्य रोशनी की भव्यता में जनसाधरणों की सारी प्रार्थनाएं विलीन होती रही। कुछ व्रतधारियों ने चीत होकर आदित्य देव की आराधना की।

मान्यता के अनुसार पुत्र की चाहत और पुत्र की कुशलता के लिए महिलाओं ने यह व्रत रखा।

साथ ही पुरुष व्रतधारियों ने भी यह व्रत पूरी निष्ठा स रखा। निर्मल-शाश्वत उत्सवी रंग में डूबे आदि भूत की भक्ति में श्रद्धालु तल्लीन रहे।

शहर का कण-कण सूर्यदेव की कृपा की चमकती रोशनी से निहाल होता रहा।

सूर्य देव की तेज से घाटों का कण-कण जगमग होता रहा। डूबते सूर्यदेव को अर्घ्य देने के बाद जनसाधारण अपने-अपने घरों की ओर रुख किया।

सोमवार की सुबह भी व्रतियों द्वारा भगवान भाष्कर को अर्ध्य देने, कोशी भरने और हवन के पश्चात व्रतधारियों का 36 घंटे का निराहार व निर्जला महापर्व का समापन होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खबरें एक नजर में….