राजधानी रांची में षष्टी को दुर्गा मां के पट खुले, पंडालों श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

कोरोना काल के दो वर्षों के बाद दुर्गा पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं ने की माता रानी के दर्शन

कहीं इस्कॉन मंदिर तो कहीं अमरनाथ गुफा का दर्शन करेंगे श्रद्धालु

पूजा पंडालों में सुरक्षा की चाक चौबंद व्यवस्था,ड्रोन कैमरे से हो रही है निगरानी, असमाजिक तत्वों पर कड़ी नजर

RANCHI: राजधानी रांची में दुर्गा मां के पद खुल गये हैं। सभी पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है।

कोरोना काल के दो वर्षों के बाद पहली बार राजधानी रांची के पूजा पंडालों में रौनक लौट आयी है वहीं सभी श्रद्धालुओं में दुर्गा पूजा को लेकर काफी उत्साह और उमंग देखा जा रहा है।

 

 

बच्चे,बुढ़े और नवजवान सभी माता रानी के दर्शन के लिए पूजा पंडालों में अपनी हाजरी लगा रहे हैं। महिलाएं भी माता रानी के दर्शन के लिए घरों से निकल पड़ी है।

रांची जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन सभी पूजा पंडालों में सुरक्षा के चाक चौबंद व्यवस्था बनाये हुए हैं। ड्रोन कैमरे से पूजा पंडालों और उसके आसपास निगरानी रखी जा रही है।

पूजा पंडालों के आसपाल बच्चों के खिलौने के स्टॉल लगाये गये हैं। वहीं खाने पीने के लिए भी दुकानें विभिन्न लजीज व्यंजनों से सजे हैं।

साथ ही ले, खोमचे में चाट, चाउमिन के साथ गोलगप्पे का भी लोग आनंद ले रहे हैं। पूरा शहर भक्ति मय हो गया है। पूजा पंडालों में माता रानी के भक्ति गीतों की धूम मची है।

रांची के सभी पूजा पंडालों में इस बार आकर्षक लाइटिंग की व्यवस्था की गयी है। कोकर, बकरी बाजार,चंद्रशेखर आजाद, बिहार क्लब,रांची रेलवे स्टेशन सहित अन्य जगहों में बड़े बड़े लाइट के तोरणद्वार लगाये गये हैं।

वहीं बच्चों को आकर्षित करने के लिए लाइटिंग के माध्यम से कई जानवरों की कला कृति बनाये गये हैं। सभी पूजा पंडालों के पद खुलने से श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरु हो गया है।

देर रात लोग परिवार के साथ पूजा पंडालों में घूम घूमकर  माता रानी के दर्शन कर रहे हैं।

और माता से सुख शांति की कामना कर रहे हैं। बकरी बाजार में इस बार मायापुर के इस्कॉन मंदिर का प्रारुप तैयार किया है। जो दर्शकों को काफी आकर्षित कर रहा है।

इस प्रारुप के निर्णाण में 60 लाख रुपये खर्च आया है।

64 वर्षों से बकरी बाजार में माता दुर्गा की पूजा अर्चना की जा रही है। कोकर में अमरनाथ गुफा का प्रारुप बनाया गया है। इस गुफा में माता रानी के दर्शन में कम से कम 20 से 25 मिनट का समय लगेगा।

 

पंडाल में घुसते ही पहलगाम का दर्शन होगा जहां भगवान शंकर के नंदी का दर्शन होगा। इसके बाद चंदनबाड़ी  में भगवान शिव के चंद्रमा का दर्शन होगा।

फिर शेषनाग झील में सांपों का दर्शन होगा। इसके बाद शिवजी और गणेश भगवान के दर्शन होंगे। अंत में पंचतरणी में शिवजी और मां पार्वती के दर्शन होंगे। इसके अलावा रांचीा शहर के कई इलाकों में भव्य पूजा पंडाल बनाये गये हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खबरें एक नजर में….