रिम्स सीटीवीएस विभाग का आईसीयू जीएनएम इंटर्न के हवाले: डॉ विनित महाजन

 

मीडिया में बयान बाजी करने वाले रिम्स चिकित्सकों पर होगी कार्रवाई: चिकित्सा अधीक्षक

 

RANCHI:  रिम्स का सीटीवीएस(कार्डियो थोरेसिक एंड वेस्कुलर सर्जरी) विभाग में नहीं थम रहा चिकित्सकों के बीच मनमुटाव का मामला,जिससे ह्रदय रोग से पीड़ित मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा है.

सीटीवीएस विभागाध्यक्ष एवं सहयोगी डाक्टरों के बीच मनमुटाव थम नहीं रहा है नित्य कोई न कोई आरोप प्रत्यारोप चलता रहता है.

इस संबंध में पूछे जाने पर रिम्स के चिकित्सा अधीक्षक डॉ हिरेन बिरुआ ने कहा कि सीटीवीएस विभागाध्यक्ष डॉ विनित महाजन को आवश्यक निर्देश दिया जा चुका है मरीजों के इलाज में कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी.

एक प्रश्न के उत्तर में डॉ हिरेन बिरुआ ने कहा कि आज ही कार्यालय आदेश जारी कर रिम्स के सभी विभागाध्यक्षों एवं डाक्टरों को मीडिया में बयान बाजी करने पर रोक ला दी गयी है इस तरह के बयान बाजी करने से रिम्स की छवि धूमिल हो रही है साथ सरकार की भी बदनामी हो रही है

रिम्स में सीमित संसाधनों के बावजूद भर्ती मरीजों का बेहतर इलाज किया जाता है एक प्रश्न के उत्तर में डॉ बिरुआ ने कहा कि इस माह के अंत तक रिम्स में 340 ट्रेंड नर्सों की बहाली प्रक्रिया जेपीएससी के माध्यम से पूरी कर ली जायेगी. डॉ बिरुआ ने कहा कि सभी आईसीयू में ट्रेंड नर्सों को ड्यूटी पर लगाया गया है

मीडिया में बयान बाजी करने वाले चिकित्सकों पर कार्रवाई की जायेगी.

इधर आज ही सीटीवीएस विभागाध्यक्ष डॉ विनीत महाजन ने मीडिया से बातचीत कर रिम्स प्रबंधन पर आरोप लगाये और कहा कि सीटीवीएस विभाग का आईसीयू जीएनएम नर्सिंग छात्राओं के भरोसे चल रहा है एक भी ट्रेंड नर्स विभाग में नहीं है

जीएनएम नर्सों को इवनिंग और नाईट ड्यूटी पर लगाया गया है जिसे ठीक से सिरींज में दवा भी डालना नहीं आता.

और न ही गंभीर हालत के मरीजों को दवा ठीक से खिलाना नहीं आता.

डॉ महाजन ने रिम्स प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग में ना ट्रेंड नर्सें है ना रेजिडेंट्स है ना डाक्टर हैं और ना ही चिकित्सा संसाधन हैं

डॉ महाजन ने कहा कि आज सोमवार 19 सितम्बर को एक कैदी का सबसे बड़ा सीएबीजी आपरेशन किया है इस मरीज की देखभाल के लिए मै देर रात आईसीयू में ड्यूटी पर हूँ

मरीज की देखभाल के लिए ट्रेंड नर्स नहीं जीएनएम नर्सिंग स्टूडेंट को ड्यूटी पर लगाया गया है

मरीज की अगर सही देखभाल नहीं होता है और मरीज की मौत होती है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?

मरीज के परिजनों से मार कौन खायेगा उस समय डॉ बिरुआ और ना ही चंदन कुमार ही बचाने आयेंगे.

कई बार मरीजों के परिजनों से झडपें हुई सुरक्षा के नाम पर कोई व्यवस्था नहीं है रिम्स के निदेशक प्रशासन को बुलाया गया लेकिन नहीं आये.

रिम्स निदेशक डॉ कामेश्वर प्रसाद तो सीटीवीएस विभाग झांकने तक नहीं आते जब उनसे मिलने जाते हैं तो कभी मीटिंग में तो कभी व्यस्त होने का बहाना कर मिलते ही नहीं है

हमने अपने विभाग के दोनों डाक्टरों के विरुद्ध बरियातु थाने में मामला दर्ज कराया कोई कारवाई नही की गयी

डॉ महाजन ने कहा कि पिछले छह माह से लिखित पत्र देकर रिम्स प्रबंधन से ट्रेंड नर्स और संसाधन की मांग कर रहे हैं लेकिन केवल आश्वासन दिया जाता है

मंत्री जी का फोन आता है कि मेरा भाई है आज ही आपरेशन कर दीजिए. मंत्री जी का आदमी बोलकर हम पर धौंस जमाया जाता है बताइये किस परिस्थिति में हम काम करें.

साथ ही डाक्टरों को इन्फेक्शन से बचने के लिए गल्बस भी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है.

डॉ बिरुआ ने बताया कि डॉ महाजन ने आज विभाग में बिजली के उपकरण ब्लास्ट होने की जानकारी  दी थी जबकि  ब्लास्ट नहीं हुआ था बल्कि तकनीकी खराबी थी जिसे ठीक करा दिया गया है.

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