रिम्स में परिचारिकाओं की बहाली के लिए जेएससीसी की परीक्षा रद्द कर पुनः परीक्षा लेने का मरांडी ने किया आग्रह

 

कोरोना काल में अनुबंध पर कार्यरत परिचारिकाओं को बहाली में नहीं दी गयी प्राथमिकता

RANCHI: भाजपा विधायक दल के नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को पत्र लिखकर jscc द्वारा ली गयी परीक्षा रद्द कर पुन: परीक्षा लेने का आग्रह किया है

पत्र के माध्यम से मंत्री का ध्यान RIMS राँची में परिचारिका श्रेणी – A के पद पर नियुक्ति हेतु JSSC द्वारा आयोजित परीक्षा में कोरोना महामारी के दौरान RIMS में कार्यरत परिचारिकाओं को प्राथमिकता नहीं देने की ओर आकृष्ट कराया

उपर्युक्त संबंध में कोविड महामारी के दौरान RIMS में अपनी सेवाएँ दे रही दर्जनों परिचारिकाओं का संयुक्त हस्ताक्षारित आवेदन मुझको प्राप्त हुआ है

जो इस पत्र के साथ संलग्न है , कृप्या गहनतापूर्वक अवलोकन करें

आदिवासी छात्र संघ द्वारा इस संबंध में दिया गया ज्ञापन भी संलग्न है ।

आप अवगत हैं कि कोविड महामारी के दौरान RIMS प्रबंधन द्वारा मासिक मानदेय 10,000 / – रूपये अनुबंध पर RIMS के नर्सिंग कॉलेज एवं नर्सिंग स्कूल से उत्तीर्ण दर्जनों छात्राओं को नियुक्ति कर सेवा ली जा रही थी

एवं बड़ी लगन एवं मेहनत से इनलोगों ने मरीजों की सेवा की इनलोगों की मेहनत एवं लगनशीलता को देखते आपने एवं RIMS के निदेशक द्वारा सेवा दे रही इन उर्तीण छात्राओं को RIMS में स्थाई नियुक्ति का भी आश्वासन दिया गया था

लेकिन नियुक्ति में इन्हें प्राथमिकता नहीं दी गई ।

यहाँ तक कि RIMS में अनुबंध पर कार्यरत परिचारिकाओं को भी JSSC द्वारा नियुक्ति प्रक्रिया में प्राथमिकता नहीं दी गई ।

आपको अवगत कराना चाहूँगा कि अन्य राज्यों में परिचारिका श्रेणी ‘ A ‘ के पद पर बहाली में State Nursing Council को प्राथमिकता दी जाती है

लेकिन झारखण्ड के नियुक्ति नियमावली में वंचित कर दिया गया है , यहाँ तक कि अनुभव के आधार पर ( 25 अंक ) भारांक मिलता है

इसे भी नियमावली से विलोपित कर दिया है । दिए गए ज्ञापन में विस्तार से इसका उल्लेख किया गया है ।

एक और महत्वपूर्ण तथ्य से अवगत कराना चाहूँगा कि कोविड काल में सेवा दे रही उर्त्तीण लगभग सभी नर्सिंग छात्राएँ राज्य के अनुसूचित जनजाति वर्ग से आती है ।

इधर JSSC द्वारा प्रकाशित परीक्षाफल में सफल अभ्यर्थियों का Certificate Verification हेतु सूचना जारी कर दी गई है ।

ऐसी स्थिति में इन नर्सिंग परिचारिकाओं की मांग है कि परीक्षाफल को रद्द कर पुनः परीक्षा आयोजित की जाय

ताकि ये नैसगिक न्याय से वंचित नहीं रहे । अतएव आपसे अनुरोध है कि ज्ञापन में वर्णित तथ्यों एवं संलग्न अनुलग्नकों के आधार पर प्रकाशित परीक्षाफल को रद्द

करते हुए RIMS में कोविड काल में सेवा दी रही नर्सिंग उर्त्तीण छात्राओं को श्रेणी ‘ A ‘ में परिचारिका नियुक्ति में प्राथिमकता देते हुए पुनः परीक्षा आयोजित करने हेतु नियमानुसार यथोचित कार्रवाई करेंगे ताकि इनके साथ न्याय हो सके ।

 

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