गठिया के इलाज में फिजियोथेरेपी की अहम भूमिकाः डॉ देवेन्द्र कुमार मुंडा

विश्व फिजियोथेरेपी दिवस आठ सितंबर को

 

RANCHI: विश्व  फिजियोथेरेपी दिवस आठ सितंबर के मौके पर रिम्स के फिजियोथेरेपिस्ट डॉ देवेन्द्र कुमार मुंडा ने विशेष बातचीत में बताया कि इस वर्ष का थीम अस्टियोअर्थराइटिस (गठिया) रखा गया है। डॉ मुंडा ने बताया कि गठिया रोग आम जनजीवन में  जोड़ों की प्रमुख समस्या बन गया है।

इसमें घूटनों में सबसे पहले तकलीफ शुरु होती है। यह रोग जोड़ों में कार्टिलेज टूटने के कारण होता है। कार्टिलेज में दरार से हड्डी खुल जाती है जिसके परिणाम स्वरुप जोड़ों की खुली हुई हड्डी की सतहों के बीच अनावश्यक घर्षण होता है। जैसे जैसे उम्र बढ़ती है व्यक्ति जोड़ों के दर्द और गति की सीमा के सीमित या अंकित नुकसान की शिकायत करता है।

घूटने के जोड़ का अर्थोअर्थराइटिस भारतीय आबादी में गठिया के सबसे आम रुपों में से एक है। घूटने के पुराने दर्द गठिया को 60 वर्ष से अधिक उम्र की 33 प्रतिशत आबादी में रेडियोग्राफिक रुप में देखा जाता है।

और किसी भी अन्य पुरानी स्थिति की तुलना में विकलांगता की उच्च घटनाओं के लिए जिम्मेदार है।

डॉ मुंडा ने एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि गठिया के मरीजों इलाज में मैनुअल फिजियोथेरेपी की भूमिका अहम है। फिजियोथेरेपी मे मैनुअल थेरेपी में एसी तकनीकें हैं जो प्रतिबंधित जोड़ों की गतिशीलता में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

फिजियोथेरेपी के मैनुअल थेरेपी में मरीज को गठिया के रोग को बढ़ने नहीं देता पैर के मांसपेशियों में स्ट्रेंथ लाने का कार्य किया जाता है जिससे मरीज के जोड़ों में  राहत मिलती है और  दर्द कम होता है।

डॉ मुंडा ने बताया कि फिजियोथेरेपी के मैनुअल थेरेपी में बताये गये व्यायाम नियमित रुप से मरीज करे तो गठिया रोग में काफी राहत मिलेगी। और उसे आपरेशन कराने की जरुरत नहीं पड़ेगी।

यह थेरेपी में गठिया मरीजों के लिए रामबाण कह सकते हैं। इसमें कोई दवा खाने की भी जरुरत नहीं पड़ती । डॉ देवेन्द्र कुमार मुंडा ने कहा कि गठिया के मरीजों को सबसे पहले अपने शरीर का वजन घटाने का प्रयास करना चाहिए क्योंकि शरीर का वजन घूटनों पर अधिक पड़ता है।

घूटनों पर वजन कम पड़ने से दर्द में भी काफी राहत मिलती है।

सीनियर सिटीजन्स होम में फिजियोथेरेपी कैंप

विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के मौके पर इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजियोथेरेपिस्ट्स,झारखंड द्वारा आठ सितंबर को सीनियर सिटीजन्स होम आरोग्य भवन-3 डीएवी नंदराज कैंपस, बरियातु रोड, रांची में फिजियोथेरेपी कैंप का आयोजन किया गया है। कैंप में वृद्ध जनों के जोड़ों के दर्द का इलाज फिजियोथेरेपी के मैनुअल थेरेपी से किया जायेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *