बॉर्डर सिक्योरिटी फाॅर्स जवान को मिली बेहतर जिंदगी

RANCHI:  आज के भाग दौड़ भरी जिंदगी में लम्बर स्पॉनडायलोसिस और लम्बर डिस्क जैसे रोग बहुत ही आम हो गये हैं। पहले इस तरह के बीमारियाँ बुजुर्ग लोगो को होती थी। परन्तु अब यह जवान लोगो में भी पाया गया है। इसी तरह के एक 40 वर्षीय बॉर्डर सिक्योरिटी फाॅर्स जवान मोरे सागर ऑर्किड अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में भर्ती हुए।

मरीज़ की हालत काफी गंभीर थी।  उनका पैर सुन्न पड़ा हुआ था और वह चल नहीं पा रहे थे। उन्हें पिछले दो साल से बाये पैर में दर्द और जिनझिनि बनी रहती थी।

वह दर्द के कारण अपने दिन भर के काम को करने में भी असमर्थ रहते थे।  जवान को ऑर्किड मेडिकल सेंटर के कंसलटेंट न्यूरोसर्जन डॉ विक्रम सिंह ने देखा और जाँच कराने  का सुझाव दिया।

जाँच से यह पता चला की उन्हें L 4 , L 5  डिस्क प्रोलैप्स था और एक नस डिस्क से दबी हुई थी। उनको सर्जरी की सलाह दी गयी ।

सर्जरी माइक्रोडिस्केक्टॉमी के द्वारा की गयी जिसमे एक 3 cm का चीरा लगाकर एक्सपोज़र किया गया और डिस्क को निकला गया।  ऑपरेशन के बाद दबी हुई नस ठीक हो गयी।  इस सर्जरी से मरीज़ मोरे सागर को काफी अच्छा लगा। उनको दर्द से भी काफी राहत मिली।

सर्जरी के बाद मोरे सागर ने कहा “सर्जरी के बाद मैं काफी अच्छे तरह से चल पा रहा हूँ। मेरा पैर भी पूरी तरह से ठीक हैं। सर्जरी के वक़्त भी कोई तकलीफ नहीं  हुई। सर्जरी के बाद मैं काफी ठीक हूँ।  ऑर्किड अस्पताल का एक्सपीरियंस भी काफी अच्छा रहा। अस्पताल बहुत बढ़िया हैं।

सर्विस भी काफी अच्छी है। डॉक्टर्स के अलावा नर्सिंग, हाउसकीपिंग एवं मैनेजमेंट भी काफी अच्छा हैं। ” हमें आशा है की बॉर्डर सिक्योरिटी फाॅर्स जवान मोरे सागर भविष्य में भारत देश के लिए काफी अच्छा करें।

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