झारखंड में हेमंत सोरेन की विधायकी रद्ध करने की अनुशंसा, अब निर्वाचन आयोग लेगा फैसला जारी करेगा अधिसूचना

 

पूर्व मुख्यमंत्री रधुर दास ने डूबोई हेमंत सोरेन की विधायकी,हम तो डूबेंगे सनम तुम्हें भी लेकर डूबेंगे कहावत हुई चरितार्थ

RANCHI:  झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के ऑफिस ऑफ प्रोफिट मामले में विधानसभा की सदस्यता रद्ध करने की अनुशंसा कर दी है। हांलाकि राजभवन ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है।

राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार रमेश बैस की अनुशंसा पत्र मिलते ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता रद्ध करने संबंधी अधिसूचना निर्वाचन आयोग कभी भी जारी कर सकता है।

झारखंड में हेमंत सोरेन की सरकार पर काला साया मंडरा रहा है। हालांकि राज्य में झामुमो, कांग्रेस और राजद की गठबंधन सरकार दुबारा बनने के पूरे आसार हैं।

केवल मुख्यमंत्री का चेहरा बदल जायेगा।

राजनीतिज्ञ पंडितों के अनुसार इस तरह के संवैधानिक संकट  बिहार में लालू प्रसाद के साथ घट चुकी है चारा घोटाले में लालू प्रसाद को जेल की सजा होने पर उन्हे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था

और लालू प्रसाद ने अपनी पत्नी राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री बनाया था। वहीं दूसरी ओर हेमंत सोरेन सरकार में मंत्री जोबा मांझी को भी मुख्यमंत्री बनाये जाने को लेकर चर्चा जोरों पर है देखना है की अब सियासी चाल कितना सटीक होगा।

झारखंड में हेमंत सोरेन की विधायकी रद्ध होती है तो वे अपनी पत्नी कल्पना सोरेन को मुख्यमंत्री बना सकते हैं।

इसमें छह माह के अंदर किसी भी विधानसभा क्षेत्र से कल्पना सोरेन को विधानसभा का सदस्य चुनकर आना अनिवार्य होगा।

इस सारे खेल के पीछे  भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व  मुख्यमंत्री रघुवर दास का मास्टर माइंड रहा है।

उन्होंने ही खनन लीज मामले को प्रमुखता से मीडिया के समक्ष पेश किया और इसकी जानकारी झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस को दी।

राज्यपाल ने उक्त मामले की गंभीरता को देखते हुए निर्वाचन आयोग, भारत सरकरा को भेज दी।

फरवरी 2022 में रघुवर दास ने प्रेसवार्ता में  मुख्यमंत्री पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा था

हेमंत सोरेन अपने पद का दुरुपयोग कर खुद को खनन पद्दा आवंटित किया। रघुवर दास ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर जनप्रतिनिधत्व कानून के प्रावधानों का उल्लघंन करने का भी आरोप लगाया था।

यह तो वही कहावत चरितार्थ हो रहा है हम तो डूबेंगे सनम तुम्हें भी लेकर डूबेंगे। पिछले विधानसभा चुनाव में रघुवर दास को हराने में झामुमो की भी अहम भूमिका थी।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आवास पर यूपीए विधायकों की डिनर, सभी विधायक एकजूट 

मुख्यमंत्री आवास पर तमाम यूपीए के विधायकों की बैठक के बाद डिनर का आयोजन सियासत के गलियारे में अहम माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विधायकी रद्ध होने की संभावना प्रबल बतायी जा रही है।

सबकी निगाहें राजभवन पर टिकी है। विधायकों को एकजूट रखने के लिए वोल्वो बस से विधायकों को छतीसगढ़ भेजे जाने की तैयारी की गयी है।

ताकि संकट की घड़ी में विधायकों को विपक्षी पार्टी किडनैप न कर ले।

 

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