झारखंड के सरकारी स्कूल की पोल खोली एक नन्हे रिपोर्टर ने 

झारखंड

ऐसे बनाई वीडियो और खोल दी अपने सरकारी स्कूल की पोल (वीडियो से कट किया गया).

GODDA (JHARKHAND) : डिजिटल युग में सोशल मीडिया की पहुंच अब किसी ख़ास तक सीमित नहीं रहा. राज्य के गोड्डा जिले में महगामा प्रखंड के खिमियाचक गांव के एक बालक ने सोशल मीडिया का सहारा लेकर अपने ही सरकारी स्कूल की पोल खोल कर रख दी है। रिपोर्टर बन उसने प्रत्यक्ष स्कूल की दशा बयान कर शिक्षकों और शिक्षा विभाग के होश उड़ा दिए हैं।  12 साल के सरफराज ने स्कूल में घूम-घूम कर उसने दिखाया है कि स्कूल के अध्यापक पढ़ाने नहीं आते, छात्र ही पढ़ने नहीं पहुंचते, स्कूल भवन बुरे हाल में है, मिड-दे मील का भी बुरा हाल है।

इस वीडियो को वायरल करने में सुधांशु गौर ने महत्वपूर्व भूमिका निभाई है. उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल के माध्यम से यह वीडियो वायरल किया है. यह वीडियो वाटसऐप और फेसबुक पर भी तेजी से वायरल हो रहा है. मजेदार बात यह भी है कि इस बच्चे ने कोल्ड्रिंक के एक प्लास्टिक बोतल में डंडी लगा कर उसे माइक की शक्ल दे दी और उसे अपने मुंह के पास रखकर पूरी कमेंट्री कर डाली.

खिमियाचक गांव के सरफराज ने टीवी रिपोर्टर की भूमिका अपना कर अपने सरकारी स्कूल की पोल खोल कर रख दी है। इसी स्कूल में पढ़ने वाले एक पूर्व छात्र ने कैमरामैन की भूमिका निभाते हुए स्कूल की समस्याओं का वीडियो बनाया। इस नन्हे रिपोर्टर ने माइक की जगह कोल्ड ड्रिंक की एक खाली बोतल का इस्तेमाल किया और स्कूल की बदहाली सामने ला दी। जिसका वीडियो सोशल इडिया पर अब खूब वायरल हो रहा है। वीडियो में सरफराज स्कूल में घूम-घूमकर बता रहा है कि स्कूल में न टॉयलेट है, न ही पीने के पानी की व्यवस्था। इतना ही नहीं इस ‘नन्हे रिपोर्टर’ ने शिक्षकों की मनमानी भी बताई। कहा शिक्षक हाजिरी लेकर गायब हो जाते हैं।

वीडियो वायरल होने के बाद छात्र की मां को धमकाया

सरफराज ने बताया कि वीडियो वायरल होने के बाद स्कूल के शिक्षक छात्र के घर जाकर परिवार को धमकाने लगे। इस वीडियो के सामने आने के बाद स्कूल के एक शिक्षक ने घर पहुंचकर उसकी मां को भी धमकाया। शिक्षक ने उन्हें कहा कि अपने बेटे को समझा दो, नहीं तो थाने में शिकायत कर देंगे।

झारखंड के शिक्षा मंत्री से की अपील

वीडियो में सरफराज स्कूल के सभी हिस्सों में जाता है। वो वीडियो बनाते हुए शौचालय की तरफ जाता है। फिर सरकार पर सवाल उठाते हुए कहता है कि ये कैसी व्यवस्था है, स्वच्छ भारत अभियान चल रहा है लेकिन सरकार क्या कर रही है? कैंपस में घनी घास को दिखाते हुए वो कहता है कि देखिए कि स्कूल में जंगल है। वह आगे सरकार से निवेदन करते हुए कहता है, “इस स्कूल की व्यवस्था ठीक करें। स्कूल के लिए पैसे आते हैं लेकिन रिपेयरिंग नहीं करवाई जाती है. अभी पौने एक बज रहा है लेकिन देखिए कि एक भी टीचर नहीं है।”

क्यों बनाया वीडियो

वीडियो बनाने के पीछे मकसद पूछे जाने पर सरफराज ने कहा कि, ‘जब मैं यहां पढ़ता था, तब भी यही हालात थे, पढ़ाई नहीं होती है. कोई सुविधा नहीं थी. अब मेरे छोटे भाई इसी स्कूल में पढ़ते हैं, इसलिए उसने वीडियो बनाकर वायरल किया है, ताकि कुछ सुधार हो सके।

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