झारखंड में सितंबर से शुरू होगा डीजिटल प्रणाली से पठन-पाठन

 

2854 सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास व आईसीटी प्रयोगशाला

प्रवीण उपाध्याय

RANCHI : वर्तमान समय मे शिक्षा के मायने बदल गये हैं। किसी राष्ट्र का विकास उस देश की शिक्षा प्रणाली पर निर्भर होता है।

शिक्षा का आधुनिकीकरण सुनते ही हमारे जहन में स्मार्ट बोर्ड, आईसीटी प्रयोगशाला, स्मार्ट कक्षाएं सहित इंटरनेट की सभी सुविधाओं से सम्पन्न स्कूल की परिकल्पना उभर कर सामने आती हैं।

आज के आधुनिक परिपेक्ष्य में सरकार पूरे आत्मविश्वास के साथ छात्र-छात्राओं का भविष्य गढ़ने की दिशा में सभी स्तर पर प्रयास करने में जुटे हुए है।

राजधानी सहित राज्यभर के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी अब निजी स्कूलों के तर्ज पर स्मार्ट क्लास व आईसीटी प्रयोगशाला के माध्यम से पठन-पाठन कार्य करेंगे।

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग 2854 स्कूलों में स्मार्ट क्लास, प्रोजेक्ट्स, आईसीटी प्रयोगशाला व टेलीविजन स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

1854 स्कूलों में स्मार्ट क्लास व आईसीटी प्रयोगशाला एवं 1000 स्कूलों में स्मार्ट क्लास के माध्यम से विद्यार्थी अध्ययनरत होंगे।

इसके लिए स्कूलों का चयन कर लिया गया है। चयनित विद्यालय के एक कक्षा कमरे को स्मार्ट क्लास में परिवर्तित किया जाना है।

विद्यार्थियों को सुयोग्य एवं अनुभवी शिक्षकों द्वारा हाईटेक तरीके से पढ़ाया जाएगा।

कहते हैं कि विद्यार्थियों में प्रकृति प्रदत्त कुछ न कुछ जन्मजात प्रतिभाएं होती है। उनकी क्षमताओं, रूचि व प्रतिभाओं को पहचानकर विकसित करनी की जरूरत है।

राजधानी के 77 सरकारी स्कूलों में आईसीटी प्रयोगशाला एवं 56 स्कूलों में स्मार्ट क्लास से विद्यार्थी पढ़ाई सुनिश्चित करेंगे।

आईसीटी प्रयोगशाला के अंतर्गत एक कक्षा कमरे में 10 कंप्यूटर ,01 जेनरेटर, 01 कंप्यूटर टीचर, 01 प्रिंटर, 30 कुर्सी एवं 01 टेबल होंगे।

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव राजेश कुमार शर्मा ने कहा कि सितंबर माह से 2854 सरकारी स्कूलों में डीजिटल प्रणाली से पठन-पाठन कार्य शुरू संभव है।

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