झारखंड के गैर शैक्षणिक एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवा निवृत्ति उम्र सीमा 65 से बढाकर 67 किया, संकल्प जारी

 

RANCHI:  झारखंड सरकार स्वास्थ्य शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग संकल्प संख्या 1109 (3 ), 17 अगस्त 2022 के द्वारा झारखंड स्वास्थ्य सेवा के गैर शैक्षणिक चिकित्सक एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति आयु 65 से बढ़ाकर 67 करने की स्वीकृति दी गई.

अपर मुख्य सचिव ने इस संकल्प मे इस बात का उल्लेख किया है कि स्वास्थ्य चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराए जाने में चिकित्सकों की महकती भूमिका है और राज्य में चिकित्सकों की कमी है.

इसमें अपर मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री झारखंड सरकार के संकल्प का भी उल्लेख किया है कि राज्य सरकार अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु कृत संकल्पित है

झारखंड राज्य स्वास्थ्य सेवा संघ  मुख्यमंत्री,  स्वास्थ्य मंत्री एवं अपर मुख्य सचिव महोदय, स्वाo चिकिo शिक्षा एवं परिo कo विभाग के इस प्रयास की सराहना करती हैl

लेकिन संगठन विरोध करती है विभाग के उस आदेश का जिसमें सरकारी चिकित्सकों को NPA नहीं देने के साथ-साथ उनके अपने ड्यूटी के अतिरिक्त अवधि में प्राइवेट अस्पतालों में मरीज को भर्ती करने से रोका गया है.

संगठन स्वास्थ्य विभाग को आगाह करना चाहती है कि यह राज्य में एक ऐसी स्थिति उत्पन्न होने की शुरुआत है,

जब कोई चिकित्सक मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस एवं स्पेशलिस्ट की डिग्री लेने के बाद झारखंड राज्य में सरकारी नौकरी के बारे में सोचेगा तक नहीं.

चिकित्सक ऐसी सरकारी नौकरी क्यों करें ,जिसमें नन प्रैक्टिसिंग अलायंस नहीं मिले और साथ में प्राइवेट प्रैक्टिस भी बैन हो. संगठन यह भी मानती है की आदेश निकलते वक्त उच्च अधिकारियों की राय नहीं ली गई होगी

स्वास्थ्य मंत्री जी से इस गंभीर विषय पर चर्चा नहीं की गई होगी और इसीलिए आग्रह करती है कि चिकित्सकों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से पहले इस आदेश को वापस ले लिया जाए.

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