युवा पीढ़ी शहीद भगत सिंह की तरह मातृभूमि के लिए सोच रखें:डॉ कामेश्वर प्रसाद

रिम्स निदेशक डॉ कामेश्वर प्रसाद  ने किया झंडोत्तोलन

आजादी के अमृत महोत्सव और रिम्स के 20वें स्थापना दिवस के अवसर पर परिसर में रंगारंग कार्यक्रम का भी आयोजन

RANCHI:: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) रांची में भव्य समारोह का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत राजेन्द्र पार्क में रिम्स निदेशक प्रो. (डॉ) कामेश्वर प्रसाद द्वारा झंडोतोलन के साथ हुई जहां रिम्स के आला अधिकारी मौजूद रहे।

आज ही रिम्स का 20वां स्थापना दिवस भी मनाया जा रहा है।

 

आजादी के अमृत महोत्सव और रिम्स के 20वें स्थापना दिवस के अवसर पर परिसर में रंगारंग कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया

रिम्स निदेशक प्रो. (डॉ) कामेश्वर प्रसाद ने अपने संबोधन में शहीद भगत सिंह को याद किया।

उन्होंने कहा कि अगर आज की युवा पीढ़ी शहीद भगत सिंह की तरह मातृ भूमि के लिए सोच रखें तो यह देश को आगे ले जाने में एक महत्वपूर्ण एवं सार्थक प्रयास होगा।

डॉ प्रसाद ने रिम्स में अपने स्नातक के समय के शिक्षकों के समर्पण व अति उत्कृष्ठ योगदान की सराहना की और कहा कि वर्तमान शिक्षकों, चिकित्सकों व छात्रों के लिए वह प्रेरणादायी रहेंगे।

साथ ही उन्होंने कहा कि रिम्स को देश के टॉप 10 सर्वोत्तम मेडिकल कॉलेज में ले जाने के लिए रिसर्च की अहम भूमिका होगी और इसके लिए हम सभी प्रयासरत हैं।

आज रिम्स में पहला वार्षिक रिसर्च डे भी मनाया जा रहा है।

रिम्स के 20वें स्थापना दिवस पर प्रो. (डॉ) विवेक कश्यप, डीन द्वारा इन 20 वर्षों में रिम्स की प्रगति और उपलब्धियों के बारे में सभा को अवगत कराया गया।

उन्होंने बताया 2002 में मरीज़ों के लिए जहां 1005 बेड उप्लब्ध थे, यह आज बढ़ कर 2171 हो गए हैं।

साथ ही कोरोना काल में ई-ओपीडी जैसी कई और सुविधाओं को जोड़ा गया था। उनके प्रस्तुतीकरण में रिम्स के महाविधालय से वृहत संस्थान बनने का क्रमिक विकास दृष्टिगत हुआ।

रिम्स प्रबंधन ने 75 वर्ष से अधिक के 29 पूर्व चिकित्सकों और कर्मचारियों को उनके विशेष योगदान के लिए सम्मानित किया।

मौके पर डॉ. पी डी सिंह, डॉ. एम एस भट्ट, डॉ. रेणुका एस, डॉ. आशा सिंह, डॉ. सी बी सिन्हा ने अपने विचार साझा किये।

इसके अलावा एमबीबीएस, बीडीएस, नर्सिंग कॉलेज, नर्सिंग स्कूल, पारा मेडिकल के निवर्तमान बैच के टॉपर्स को मेडल व सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया।

एमबीबीएस के छात्रों ने ‘आज़ादी क्या है’ नाटक के ज़रिए एकता में अनेकता, महिला सशक्तिकरण, भ्रष्टाचार हटाने जैसे मुद्दों पर प्रकाश डाला।

आज़ादी का अमृत महोत्सव मनाते हुए रिम्स में फुटबॉल, बैडमिंटन व रंगोली प्रतियोगिता का भी आयोजन किया था, जिनके विजेताओं को मेडल और सर्टिफिकेट से नवाजा गया।

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