15 दिनों के अंदर सरकार अपना आदेश वापस नहीं ली, तो अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जायेंगे चिकित्सक

 

सरकार के तुगलकी फरमान से राज्य भर के सरकारी चिकित्सकों में रोष

RANCHI:  करम टोली स्थित आईएमए भवन में झासा एवं आईएमए की एक संयुक्त बैठक हुई। इसमें पूरे राज्य के प्रतिनिधि शामिल हुए।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार 15 दिनों के अंदर विभाग द्वारा जारी आदेश वापस नहीं लिया गया तो इमरजेंसी सेवा को छोड़ कर राज्य के सभी सरकारी चिकित्सक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जायेंगे.

हाल में निकाले गए एक आदेश के खिलाफ चिकित्सक काफी उद्वेलित एवं आक्रोशित नजर आए।

अभी एक आदेश निकाला गया है जिसमें कहा गया है कि सरकारी चिकित्सक अपनी ड्यूटी आवर के बाद प्रैक्टिस के तौर पर सिर्फ ओपीडी में मरीजों को देख पाएंगे।

झासा के सचिव डॉ बिमलेश सिंह ने कहा कि  मरीज का इलाज टुकड़ों में नहीं होता

यह अपने आप में पूरी सेवा भावना से की जाने वाली एक फिक्स प्रक्रिया होती है

उसको फॉलो करने के बाद ही बीमारी का निर्णय हो पाता और उसके इलाज के बारे में प्लान किया जाता है ।

एनेशथेसिया के डॉक्टर, रेडियोलॉजी के डॉक्टर, पैथोलॉजी के डॉक्टर अपना मूल काम ना करके सिर्फ ओपीडी में क्या सेवा देंगे?

आईएमए झारखंड के महासचिव डॉ प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि तरह के आदेश से मरीजों का अहित होगा।

जिस समाज में चिकित्सकों की भारी कमी है और जहां चिकित्सकों को नन प्रैक्टिसिंग अलाउंस नहीं मिलता है

वहां चिकित्सकों को मरीजों का संपूर्ण इलाज करने से रोकने का आदेश अव्यवहारिक प्रतीत होता है और जल्दबाजी में लिया गया निर्णय भी प्रतीत होता है।

इस बैठक में यह निर्णय लिया गया कि हमारा एक प्रतिनिधिमंडल  मुख्यमंत्री,  स्वास्थ्य मंत्री,स्वास्थ्य सचिव महोदय एवं अन्य लोगों से मिलकर अपनी मांगों को रखेंगे।

इस बैठक में यह निर्णय हुआ की ,इस अव्यवहारिक ,मरीजों का अहित करने वाली तुगलकी फरमान को तुरंत वापस लिया जाए अन्यथा हम आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

बैठक में आईएमए के राज्य महासचिव डॉ प्रदीप कुमार सिंह, झासा सचिव डॉ बिमलेश सिंह, रांची आईएमए अध्यक्ष डॉ शंभू प्रसाद सिंह, रांची सिविल सर्जन डॉ बिनोद कुमार, आईएमए के संयुक्त सचिव डॉ अजित कुमार सहित काफी संख्या में चिकित्सक उपस्थित थे.

हाल के दिनों में पर्व त्योहारों एवं जनहित को देखते हुए यह निर्णय हुआ कि अगर इस काले आदेश को 15 दिनों के अंदर वापस नहीं लिया जाता है तो हम बाध्य होकर इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर कार्य बहिष्कार करेंगे।

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