बच्चों के बैंक खाता नहीं, कैसे मिलेगा लाभ

बुनियादी सुविधाओं से वंचित बच्चे

RANCHI:  संसाधनयुक्त एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सुदृढ़ता प्रदान करने के लिये केंद्र और राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं को क्रियान्वयन करने मे जुटे हुए हैं।

बाबजूद इसके बड़ी संख्या में बच्चों के बैंक खाता नहीं खुल पाने की स्थिति में बच्चे योजनाओं का लाभ लेने से महरुम हो रहे हैं।

इस संबंध में जिला शिक्षा अधीक्षक ने राजधानी के सभी सरकारी विद्यालय, कस्तुरबा गांधी बालिका विद्यालय, झारखंड आवासीय बालिका विद्यालय एवं नेताजी सुभाषचंद्र बोस आवासीय विद्यालय के प्राचार्य को प्रारंभिक विद्यालयों के अध्ययनरत नौनिहालों के बैंक खाता खुलवाने की पहल करने को कहा है।

जिससे कि बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।

इसके लिये विद्यालय में पदस्थापित शिक्षकों की सहयोग आवश्यक है।

ज्ञात हो कि सरकार ने शिक्षा योजनाओं में गड़बड़ी को रोकने के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) को अनिवार्य किया है।

कहते हैं कि किसी राज्य का विकास उस राज्य की शिक्षा प्रणाली पर निर्भर करता है

क्योंकि राज्य की उन्नति में हर व्यक्तियों की जिम्मेवारी होती है।

ऐसे में विद्यार्थियों को शिक्षा योजनाओं का हक पूरी तरह लाभ नहीं मिल पाना अपने आप मैं निराशा की ओर अंकित करता है।

नशा मुक्ति अभियान की रैली

रांची विमेंस कॉलेज की प्राचार्य डॉक्टर शमशुन निहार के निर्देशन में एनएसएस
की इकाई दो ने नशा मुक्ति अभियान से संबंधित रैली निकाली । रैली में नशा से संबंधित हानियों को बताते हुए छात्राओं ने नागरिकों को जागरूक किया । नशा न करने से होने वाले लाभों को बताते हुए नारे लगाए गए । कॉलेज की छात्राओं ने भारी संख्या में इस रैली में भाग लेकर इसे सफल बनाया ।

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