गहनता एवं लगन से करें यूपीएससी व जेपीएससी की तैयारी:अचल प्रियदर्शी

समय का उपयुक्त प्रबंधन, सटीक रणनीति और श्रेष्ठ संसाधन का प्रयोग ही सफलता की कुंजी

RANCHI: सफलता और असफलता दोनों अभ्यर्थियों के विचारों को प्रभावित करती है।

जहां सफलता किसी काम के नियोजन का अंतिम स्वरूप होता है।

वहीं, असफलता उसी नियोजन की सतत प्रक्रिया होती है। अतः असफलता हार नहीं बल्कि किसी प्रक्रिया का अवांछित चरण ही होती है

जिसकी हम आकांक्षा नहीं करते, पर सफलता तो जिम्मेदारी होती है जिसके बोध असफलताओं के कई चरण छूने के बाद ही होता है।

छात्र जीवन प्रबल शौर्य और असीमित ऊर्जा का दौर होता है। अतः भटकाव लाजिमी है।

जरूरत सिर्फ भटकाव से बचने की नहीं होती अपितु लक्ष्य पर दृढ़निश्चयी बनने की भी होती है।

जैसा कि आपने पिछले बार भी देखा, बाधा हर चरण पर थी, अनिश्चितता ने मन को दिग्भ्रमित कर रखा था।

फिर भी कोई 22 साल का युवा इंटरव्यू तक गया, कोई 36 साल के युवक ने पिछले जेपीएससी में सफलता पाई और किसी गरीब की बेटी ने अपना परचम लहराया।

अचल का मानना है कि समय का उपयुक्त प्रबंधन, सटीक रणनीति और श्रेष्ठ संसाधन का प्रयोग ही सफलता की कुंज है। जरूरी है

  1. अभी से ही तैयारी में जोर-शोर से लग जाये। यहीं, बातें यूपीएससी अभ्यर्थियों के लिए भी उपयुक्त है। अचल प्रियदर्शी जनजाति शोध संस्थान से जुड़े हुए है एवं झारखंड प्लस एवं ट्राईबलपेडिया पुस्तकों के रचयिता है।

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