दो साल में देश में साइबर अपराध के 94770 मामले दर्ज हुए, झारखंड में 2299

 

सांसद संजय सेठ के सवाल पर केंद्रीय मंत्री का जवाब

RANCHI:  रांची के सांसद संजय सेठ ने लोकसभा में देश में बढ़ते साइबर अपराध पर चिंता जताई और इसके निवारण के लिए सरकार के द्वारा उठाए जा रहे कदम से संबंधित सवाल रखा।

सांसद  संजय सेठ के जवाब में इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री  राजीव चंद्रशेखर ने बताया कि इंटरनेट के विकास और उस पर अनुप्रयोगों, उत्पाद और सेवाओं के प्रसार के साथ नागरिकों को सशक्त बनाने की दिशा में सरकार काम कर रही है।

जिससे उनका जीवन बदल रहा है। परंतु इसके साथ ही यह साइबर अपराध भी बढ़े हैं।

झारखंड सहित भारत के कई हिस्सों में होने वाली फिशिंग और साइबर अपराध की घटनाओं से सरकार अवगत है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पुलिस और सार्वजनिक व्यवस्था राज्य के विषय हैं।

कानून प्रवर्तन एजेंसियों के माध्यम से राज्य साइबर अपराधों को रोकने, पता लगाने, जांच और कार्रवाई के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार है।

केंद्र सरकार विभिन्न योजनाओं के तहत सलाह और वित्तीय सहायता देने का काम राज्य सरकारों की पहल पर करती है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार साइबर अपराधों से व्यापक और समन्वित तरीके से निपटने के लिए, पूरी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए गृह मंत्रालय ने साइबर फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं की स्थापना की है ताकि अपराध पर नियंत्रण के लिए बेहतर कदम उठाए जा सकें।

इसके तहत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र की स्थापना भी की गई है, जिसमें भारत के मेवात, जामताड़ा, अहमदाबाद, हैदराबाद, चंडीगढ़, विशाखापट्टनम और गुवाहाटी में 7 क्षेत्रों के लिए संयुक्त साइबर सेल का गठन किया गया है।

यह दल राज्यों के साथ समन्वय कर उन्हें साइबर अपराधों को रोकने और उसकी जटिल समस्याओं को हल करने में मदद करता है।

केंद्रीय मंत्री ने सदन में बताया कि साइबर अपराधों को रोका जाए, इस दिशा में सरकार कई तरह के उपाय कर रही है।

साइबर हमलों को रोकने के लिए भी कई प्रकार के कदम उठाए जा रहे हैं।

भारतीय कंप्यूटर आपात प्रतिक्रिया दल नियमित आधार पर कंप्यूटर नेटवर्क की सुरक्षा के लिए, साइबर खतरों को रोकने के लिए काम कर रहा है और इसके लिए अलग-अलग निर्देश भी समय-समय पर जारी किए जाते हैं।

डेस्कटॉप, मोबाइल, स्मार्टफोन को सुरक्षित रखने और हमलों को रोकने के लिए सुरक्षा संबंधित उपाय प्रकाशित किए जा चुके हैं।

जिसकी सूचना समय-समय पर उपलब्ध कराई जाती है। सभी सरकारी वेबसाइट और एप्लीकेशन को उनकी होस्टिंग से पहले साइबर सुरक्षा के संबंध में ऑडिट किया जाता है।

इतनी सुरक्षा के बावजूद भी साइबर अपराध की घटनाएं बढ़ी है।

वहीं केंद्रीय मंत्री ने बताया कि वित्तीय क्षेत्र में पेशेवरों के लिए साइबर सुरक्षा फाउंडेशन कोर्स पर कंप्यूटर सुरक्षा घटना प्रतिक्रिया दल एवं ऐसे कई दल एक स्वागती से 60 घंटे का प्रमाण कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं।

सोशल मीडिया वेबसाइटों के माध्यम से नियमित रूप से इसका सूचना का प्रचार प्रसार किया जाता है ताकि साइबर अपराधों पर रोक लगाई जा सके।

सांसद के सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि वर्ष 2019-20 में पूरे देश में 94770 साइबर क्राइम के मामले आए, जिसमें झारखंड के मामले 2299 हैं।

साइबर अपराध सबसे अधिक आंध्र प्रदेश, बिहार, झारखंड, कर्नाटका, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, वेस्ट बंगाल जैसे राज्यों में देखने को मिले हैं।

समय-समय पर केंद्र सरकार राज्यों के साथ समन्वय कर इसे रोकने के लिए कई कदम उठाती है।

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