बालासाहेब के बड़े पोते निहार ठाकरे, शिंदे के साथ : उद्धव को बड़ा झटका

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मुंबई : राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को शिंदे गुट से रोज नई चुनौतियां और झटके मिल रहे हैं. आज शुक्रवार, 29 जुलाई को उनके भतीजे और बालासाहेब ठाकरे के अपने बड़े पोते निहार ठाकरे ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से यहां मुलाकात कर उन्हें अपना समर्थन देने की घोषणा की है.

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अंकिता पाटिल और निहार (इनसेट में) की शादी के पूर्व स्व. बालासाहेब ठाकरे और उद्धव ठाकरे एवं परिजनों की पुरानी तस्वीर.

निहार ठाकरे बालासाहेब ठाकरे के बड़े बेटे बिंदुमाधव ठाकरे के पुत्र हैं. बालासाहेब के तीन बेटों में बिंदुमाधव, उद्धव और जयदेव से बड़े थे. उनका निधन 1966 में एक सड़क दुर्घटना में हो गया था. पेशे से सफल वकील निहार ठाकरे द्वारा शिंदे गुट में शामिल होने से मुख्यमंत्री शिंदे को अपने गुट को आम शिवसैनिकों में असली शिवसेना साबित करने का एक और जरिया मिल गया है. वैसे असली शिवसेना का कानूनी फैसला सुप्रीम कोर्ट में होना है.

अपने गुट की स्वीकार्यता और मजबूती के लिए मुख्यमंत्री शिंदे अनवरत प्रयासरत हैं. हाल ही में वे शिवसेना के उन वरिष्ठ नेताओं के घर जाकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करने सफल रहे हैं, जिन्होंने बालासाहेब ठाकरे के साथ शिवसेना को खड़ा किया और उसकी मजबूती के लिए बालासाहेब के साथ कंधे से कंधा मिला कर काम किया है. पूर्व मुख्यमंत्री और बड़े शिवसैनिक रहे मनोहर जोशी से भी मिलकर उन्होंने उनका आशीर्वाद और समर्थन प्राप्त किया है.

अब ठाकरे परिवार के ही निहार ठाकरे द्वारा शिंदे को समर्थन मिलना उनके प्रयासों की बड़ी सफलता मानी जा रही है. निहार ठाकरे के जुड़ने से शिंदे गुट के विधायकों और शिवसैनिकों में निश्चय ही उत्साह और विश्वास का संचार होने वाला है. इसके साथ ही उद्धव गुट को अब राज्य के सभी शिवसैनिकों को अपने पक्ष में करने की बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है.

निहार ठाकरे अब शिंदे के साथ जुड़ कर अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत करेंगे. वैसे उनकी पत्नी अंकिता पाटिल, भाजपा में शामिल बड़े नेता और कांग्रेस शासन में राज्य के कई बार मंत्री रहे हर्षवर्धन पाटिल की पुत्री हैं. उन्होंने कांग्रेस की टिकट पर हाल ही में बावड़ा लखेवाड़ी से विधान परिषद का चुनाव जीता है.

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