परमाणु ऊर्जा विभाग के द्वारा देश के सात शहरों में स्थापित किए गए हैं कैंसर केंद्र

सांसद संजय सेठ के सवाल पर केंद्रीय राज्यमंत्री का लोकसभा में जवाब

 

RANCHI:   कैंसर, मधुमेह, हृदय रोग की रोकथाम और नियंत्रण के लिए भारत सरकार राज्य सरकारों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इसके तहत पहले से उपचार आरंभ किए गए रोगियों की कीमोथेरेपी सुनिश्चित करने के लिए देशभर में 266 जिला डे केयर सेंटर स्थापित किए गए हैं। उक्त आशय की जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री डॉ भारती प्रवीण पवार ने लोकसभा में दी। रांची के सांसद श्री संजय सेठ ने चालू सत्र में कैंसर और इसके उपचार से संबंधित सवाल लोकसभा में पूछा था।

इसके जवाब में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार कैंसर की विशिष्ट परिचर्या के लिए सुविधा केंद्रों को बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। इसके तहत अब तक 19 राज्य में कैंसर संस्थानों और 20 विशिष्ट परिचर्या कैंसर केंद्रों को अनुमोदित किया गया है।

प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत नए एम्स और कई उन्नत संस्थानों के मामले में इसके विभिन्न पहलुओं में ऑंकोलॉजी पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है। देश में कैंसर के इलाज की क्षमता बढ़े, इस दिशा में भारत सरकार ने कई संस्थानों की स्थापना की है। जहां से पूर्व में कैंसर का इलाज हो रहा है, वहां की क्षमता को बढ़ाने की दिशा में काम किया है।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकारों के सहयोग से प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के अंतर्गत सभी को सस्ते मूल्यों पर कैंसर की गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि कुछ अस्पतालों और संस्थानों में किफायती औषधियां और उपचार के लिए विश्वसनीय प्रत्यारोपण फार्मेसी स्टोर स्थापित किया गया है, जिनका उद्देश्य है कि खुदरा मूल्य की तुलना में पर्याप्त छूट पर कैंसर की दवाएं उपलब्ध कराई जा सके।

इसके अलावे राष्ट्रीय आरोग्य निधि की अंब्रेला योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को सरकारी अस्पतालों में कैंसर के उपचार सहित उनके उपचार के लिए वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाती है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि परमाणु ऊर्जा विभाग ने वाराणसी, खारघर, गुवाहाटी, सद्गुरु, विशाखापट्टनम, न्यू चंडीगढ़ और मुजफ्फरपुर में कैंसर केंद्र की स्थापना की है। मुंबई में टाटा मेमोरियल अस्पताल मौजूद है, इसके निकट आपकाइन कैंपस के नई बिल्डिंग में अपनी क्षमताओं का विस्तार कर रहा है।

इस सवाल के जवाब के बाद सांसद श्री संजय सेठ ने कहा है कि राज्य में बढ़ती कैंसर मरीजों की संख्या चिंताजनक है। राज्य में उपचार के बेहतर साधन नहीं है, जिससे लोग महानगरों की ओर जाने को विवश है। मेरा राज्य सरकार से आग्रह है कि झारखंड में भी एक और बेहतर कैंसर संस्थान की स्थापना हो, इस दिशा में प्रस्ताव बनाकर भारत सरकार को भेजा जाए। भारत सरकार इस मामले में हर संभव सहयोग करेगी।

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