झारखंड में पचास बेड तक के अस्पताल क्लिनिकल स्टेब्लिशमेंट एक्ट से मुक्त करने का निर्णय हो चुकाः डॉ सहजानंद सिंह

एक्ट के माध्यम से छोटे छोटे अस्पतालों को प्रोटेक्ट करने की जरुरत

 

RANCHI:  आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ सहजानंद प्रसाद सिंह ने कहा कि झारखंड में मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट एवं क्लिनिकल स्टेब्लिशमेंट एक्ट में संशोधन कर शीघ्र लागू करने का आग्रह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता से किया है।

साथ ही राज्य के प्राइवेट अस्पतालों एवं नर्सिंग होम का आयुष्मान भारत योजना का बकाया राशि का भी भुगतान शीघ्र करने की मांग की गयी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष शुक्रवार को एक कार्यक्रम में भाग लेने रांची आये थे और रांची आईएमए भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में उक्त बातें कहीं।

डॉ सिंह ने कहा कि सेन्ट्रल कमेटी के साथ बैठक में निर्णय लिया जा चुका है कि क्लिनिकल स्टेब्लिस्मेंट एक्ट में संशोधन कर 50 बेड तक अस्पतालों एवं नर्सिंग होम को एक्ट से मुक्त किया जाय। इसके बावजूद झारखंड में अभी तक लागू नहीं किया गया है। डॉ सिंह ने कहा कि छोटे छोटे अस्पताल गरीब मरीजों के इलाज का रीढ़ है। बड़े अस्पताल  तो बड़े  लोगों के लिए  हैं। एक्ट के माध्यम से छोटे छोटे अस्पतालों को प्रोटेक्ट करने की जरुरत है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री को जनहित में एवं जनता की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द एक्ट में संशोधन कर इसे लागू करना चाहिए।

डॉ बीसी राय मेमोरियल अवार्ड शुरु कराया

डॉ सिंह ने बताया कि वर्षों से बंद किये डॉ बीसी राय मेमोरियल अवार्ड को केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री के प्रयास और राष्ट्रीय आईएमए के प्रयास से  शुरु करा दिया गया है।

यह अवार्ड स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले डॉक्टरों को दिया जाता है। अवार्ड राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में दिया जाता रहा है। यह अवार्ड पद्मश्री के समतुल्य है।

अब यह अवार्ड हर साल दिया जायेगा।

 

डॉ सिंह ने बताया कि एपेडेमिक काल के दौरान डॉक्टरों एवं चिकित्साकर्मियों के साथ मारपीट तोड़फोट करने वालों के खिलाफ कार्र्वाई के तहत 50 हजार जुर्माना को बढ़ाकर एक लाख रुपये और सात साल जेल की सजा बढ़ाकर दस साल कर दिया गया है।

इसपर निर्णय 28 राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों की काउंसिल की बैठक में सहमति हुई है।  उक्त निर्णय को केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने जल्द से जल्द लागू करने का आश्वासन दिया है।

प्रेसवार्ता में राज्य आईएमए महासिचव डॉ प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि झारखंड में अभी तक मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट, क्लिनिकल स्टेब्लिस्मेंट एक्ट में संशोधन कर लागू नहीं किया गया है वहीं राज्य में आयुष्मान भारत योजना के तहत लगभग दो सौ करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया गया

जिसके कारण प्राइवेट अस्पतालों में गरीब मरीजों  को आयुष्मान का लाभ देने में प्राइवेट अस्पताल असमर्थ हो जायेंगे जिसका असर गरीब मरीजों के इलाज पर पड़ेगा।
डॉ सिंह ने कहा कि क्लिनिकल स्टेब्लिस्टमेंट एक्ट में संशोधन कर राज्य के पचास बेड तक के अस्पताल को एक्ट से मुक्त किया जाना चाहिए।

झारखंड स्वास्थ्य के क्षेत्र में पिछड़ा हुआ है। एक्ट में संशोधन नहीं होने से छोटे छोटे अस्पताल एकल डॉक्टर क्लिनिक बंद हो जायेंगे।

जिससे गरीब मरीजों को इलाज में काफी परेशानी होगी। प्रेसवार्ता में डॉ अजय कुमार सिंह, रांची आईएमए के अध्यक्ष डॉ शंभू प्रसाद सिंह, डॉ ब्यूटी बनर्जी उपस्थित थे।

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