बीएयू ने यूजी इन फिशरीज साइंस का रिजल्ट जारी की, 23 विद्यार्थी सफल घोषित, महेश शर्मा टाँपर बने

 

RANCHI:   बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ नरेंद्र कुदादा ने फिशरीज साइंस कॉलेज, गुमला के सत्र 2018-19 के विद्यार्थियों के स्नातक पाठ्यक्रम का रिजल्ट घोषित कर दिया है. राज्य के इस एकमात्र कॉलेज के दुसरे बैच में कुल 23 विद्यार्थी सफल हुए है. सर्वाधिक 8.906 ओजीपीए/10.000 अंक पाकर महेश शर्मा ने टाँपर बनने का गौरव हासिल किया है।

8.878 ओजीपीए अंक के साथ पूजा कुमारी सिन्हा द्वितीय तथा 8.834 ओजीपीए अंक लाकर जीशु बनर्जी ने तृतीय स्थान पाया है।

कॉलेज के चार वर्षीय बीएससी (आनर्स) फिशरीज साइंस पाठ्यक्रम में इस वर्ष 11 छात्र एवं 12 छात्राएँ शामिल है. कुल 18 विद्यार्थियों ने 8.000 ओजीपीए//10.000 अंक पाया है।
बीएयू कुलपति डॉ ओंकार नाथ सिंह ने सफल विद्यार्थियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि लगातार दुसरे वर्ष राज्य को फिशरीज साइंस में प्रोफेशनल ग्रेजुएट मिले है। सभी विद्यार्थी इस क्षेत्र में राज्य के ब्रांड एंबसडर है. इन सफ़ल ग्रेजुएट के सहयोग से राज्य में फिशरीज क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी।

कॉलेज के एसोसिएट डीन डॉ एके सिंह ने बताया कि कॉलेज के पहले एवं दुसरे बैच के विद्यार्थियों में काफी प्रतिभा है. झारखण्ड राज्य ने फिशरीज क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है. इन सफल प्रोफेशनल के समुचित उपयोग से राज्य में फिशरीज क्षेत्र को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

एसोसिएट डीन डॉ एके सिंह तथा शिक्षकों में श्वेता कुमारी, डॉ इरशाद अहमद, दीपक अग्रवाल, सर्वेन्द्र कुमार, ओमप्रकाश रवि, इरफान अहमद भट्ट, भातेंदु विमल, डॉ जगपाल, डॉ मीर इस्फाक एवं राकेश रंजन ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई एवं उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ दी है।

खाद्य प्रसंस्करण से मोटे अनाजों, फल व सब्जियों का मूल्यवर्धन पर प्रशिक्षण का समापन

सामुदायिक विज्ञान विभाग, बिरसा कृषि विश्वविद्यालय एवं आईसीएआर – इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी (आईआईएबी), रांची के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित खाद्य प्रसंस्करण से मोटे अनाजों, फल व सब्जियों का मूल्यवर्धन विषयक दूसरा प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में रांची जिले के नामकुम प्रखंड के तेतरी डाहु, बारटोली, मालती, मानपुर आदि गाँवो के कुल 22 महिलाओं ने भाग लिया. समापन समारोह में आईआईएबी, रांची के प्रधान वैज्ञानिक डॉ बिनय कुमार ने सभी प्रतिभागियों को मोटे अनाजों, फल एवं सब्जियों के प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन से उद्यमिता शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया और प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र प्रदान किया।

मौके पर सामुदायिक विज्ञान की विभागाध्यक्ष एवं पाठ्यक्रम समन्यवयक डॉ रेखा सिन्हा ने बताया कि प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन की उन्नत तकनीकी से ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलु स्तर पर रोजगार सृजन के अनगिनत संभावनाएँ है. इसे बढ़ावा देने के उद्देश्य से आईआईएबी, रांची के सौजन्य से बीएयू में 6 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाना है।

दो सफल प्रशिक्षण कार्यक्रम से कुल 47 ग्रामीण महिलाएँ लाभान्वित हुए है. प्रतिभागियों का चयन आईआईएबी, रांची संस्थान करती है. तीसरा प्रशिक्षण कार्यक्रम 26 जुलाई से होगा।

कार्यक्रम में प्रतिभागियों को विभागाध्यक्ष डॉ रेखा सिन्हा, विशेषज्ञ बिंदु शर्मा एवं डॉ नीलिका चंद्रा के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के उपयुक्त खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी, प्रयुक्त उपकरणों एवं मूल्यवर्धक उत्पाद व्यावहारिक तकनीकी से अवगत कराया गया.

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