कांग्रेस के डीएनए में लोकतंत्र का विरोध: दीपक प्रकाश

 

आपातकाल विरोधी सेनानियों ने लड़ी आजादी की दूसरी लड़ाई

 

RANCHI: प्रदेश मुख्यालय सहित सभी जिलों में गोष्ठियों का आयोजन आपातकाल के संदर्भ में युवा पीढ़ी को बताने की दृष्टि से किया गया। साथ ही आपातकाल के दौरान देश पर थोपी गई तानाशाही का विरोध करते हुए जिन्होंने जेल की सजा काटी,मीसा और डीआईआर जैसी धाराओं में बंदी रहे ऐसे लोगो को सम्मानित भी किया गया।

भाजपा प्रदेश कार्यालय में इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मीसा बंदी रहे डॉ सूर्यमणि सिंह,पूर्व विधायक रामचंद्र नायक, वरिष्ठ पत्रकार चंद्रेश्वर ,प्रमोद मिश्र,प्रोफेसर वृजकिशोर मिश्र,पत्रकार अशोक जी,सूरज मंडल,रामचंद्र केसरी को तथा आपातकाल के दौरान भूमिगत रहकर आंदोलन केलिये कार्य करने वाले राधेश्याम अग्रवाल,सांवरमल अग्रवाल,प्रेम मित्तल,डॉ उमाशंकर केडिया,शैलेश सिन्हा, शिवगोविंद पांडेय, अखौरी प्रमोद बिहारी,हितेंद्र जी,धनीनाथ साहू,पृथ्वीचंद मंडल,शशिशेखर द्विवेदी, कमाल खान,भोला जी को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद दीपक प्रकाश के द्वारा अंगवस्त्र एवम नारियल फल देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद दीपक प्रकाश ने कहा कि प्रदेश भाजपा आज आजादी की दूसरी लड़ाई लड़ने वाले सभी सेनानियों के सादर वंदन ,अभिनंदन करती है।

श्री प्रकाश ने कहा कि लोकतंत्र भारत की आत्मा है जिसे श्रीमती इंदिरा गांधी के शासनकाल में सिर्फ सत्ता केलिये हत्या करने की कोशिश की गई।

कहा कि आपातकाल देश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक काला अध्याय है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का विरोध कांग्रेस पार्टी के डीएनए में। आजादी के पहले और बाद कांग्रेस का इतिहास लोकतंत्र विरोधी है।
कहा कि आज भी सोनिया ,राहुल गांधी को न्यायपालिका पर विश्वास नही है,चुनाव आयोग पर विश्वास नही है।
कहा कि जब कांग्रेस के भ्रष्टाचार के मामले उजागर होते हैं तो सीएजी से भरोसा उठ जाता है।

उन्होंने कहा कि ये वही कांग्रेस पार्टी है जिसने तानाशाही के बल पर लोकतंत्र के 34988 सेनानियों को मीसा में बंदी बनाया,75818 लोगो को डीआईआर के तहत जेल में बंद किये। एक लाख से ज्यादा लोग लोकतंत्र की रक्षा केलिये आजाद भारत मे गिरफ्तार हुए।
एक दिन में लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई चार सरकारों को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन थोपने वाली कांग्रेस पार्टी ही है। देश मे सर्वाधिक राष्ट्रपति शासन का थोपने वाली पार्टी कांग्रेस पार्टी है।
उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को इससे अवगत कराने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन में रांची में भी आंदोलनकारियों पर पुलिस ने शहीद चौक पर गोलियां चलाई,जमशेदपुर में पुलिस की गोली से एक छात्र की मौत हुई थी। फिर भी आंदोलन कारियों ने धैर्य नही खोया। जेपी के नेतृत्व में छात्र आंदोलन तीव्र था परंतु उग्र नहीं।
कहा कि देश कैसे भूल सकता है कि बिना मंत्रिमंडल की बैठक किये 25जून को रात के 12बजे देश पर आपातकाल थोपा जाता है और दूसरे दिन आनन फानन में 5 मिनेट केलिये कैबिनेट बुलाकर स्वीकृति दी जाती है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के सेनानियों से प्रेरणा लेकर हमे लोकतंत्र की मजबूती की दिशा में लगातार कार्य करने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार श्री चंद्रेश्वर ने कहा कि आपातकाल तो एक काला अध्याय है,परंतु देश की नई पीढ़ी को गौरवशाली इतिहास से परिचित कराने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि आज देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में इतिहास को ठीक करने की सार्थक कोशिश की जा रही है।
कार्यक्रम को डॉ सूर्यमणि सिंह,प्रमोद मिश्र,रामचंद्र केसरी,सूरज मंडल ने भी संबोधित किया।

संचालन प्रेम मित्तल ने और धन्यवाद ज्ञापन अजय राय ने किया।

संगोष्ठी में प्रदेश महामंत्री एवम सांसद आदित्य साहू,बालमुकुंद सहाय,काजल प्रधान, हेमंत दास,शिवपूजन पाठक,प्रदीप सिन्हा,प्रतुल शाहदेव, अमित सिंह,योगेंद्र प्रताप सिंह,रवि भट्ट ,राजश्री जयंती,तारिक इमरान,मुनचुन राय,लक्ष्मी कुमारी,आरती कुजूर,पवन साहू,ललित ओझा,लक्ष्मी चंद्र दीक्षित,सोना खान,संजय जायसवाल, अशोक बड़ाइक,सूरज चौरसिया आदि शामिल थे।

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