सदर अस्पताल, रांची में एक और नया अध्याय जुड़ा

एनेस्थेसिया वर्क स्टेशन का उद्घाटन

RANCHI: सदर अस्पताल, रांची के विकास में आज एक और नया अध्याय जुड़ गया आज सदर अस्पताल में नई लेप्रोस्कोपिक मशीन और एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन का इंस्टॉलेशन हुआ।

लेप्रोस्कोपी एवं एनेस्थीसिया मशीन की शुरुआत पूरे विधि विधान से सिविल सर्जन डॉक्टर विनोद कुमार, उपाधीक्षक डॉ एके खेतान ,डॉक्टर सब्यसाची मंडल ,
लेप्रोस्कोपिक एवं मिनिमली इनवेसिव सर्जन डॉक्टर अजीत कुमार, डॉ आर के सिंह, डॉ एके झा ,
निश्चेतना विभाग के डॉ दीपक कुमार एवं डॉ नीरज कुमार की उपस्थित में हुआ।

आज इस मशीन से 2 मरीजों का ऑपरेशन हुआ।
इन दोनों मशीनों के आ जाने से सदर अस्पताल ने पूर्णतः अपने संसाधनों (चिकित्सक,चिकित्सा कर्मी एवं मशीन) से आज दो बड़े ऑपरेशन किए हैं।

किसी प्रकार का आउटसोर्स नहीं किया गया।
पहली मरीज को पित्त की थैली में पत्थर था और साथ ही साथ दाहिने साइड के ovary में बड़ा सा सिस्ट (गोला) भी था।
मरीज एचईसी सेक्टर 2 की रहने वाली है।
वह पेट दर्द से काफी दिनों से परेशान थी। परिवार की आर्थिक स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं है।
उसका अल्ट्रासाउंड एवं MRI भी आयुष्मान योजना के अंतर्गत ही कराया गया.
ऑपरेशन के बाद मरीज बिल्कुल स्वस्थ है एक-दो दिनों में उसे छुट्टी भी दे दी जाएगी।
इस ऑपरेशन को लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉक्टर अजीत कुमार में लेप्रोस्कोपी विधि द्वारा किया।
निश्चेतक डॉक्टर दीपक एवं डॉ नीरज थे।
ओटी असिस्टेंट नीरज, नंदिनी एवं प्रणव।

दूसरा ऑपरेशन जो किया गया वह गैर आयुष्मान मरीज थी और बढ़िया तू मेरा कर प्राइवेट नौकरी करती है।
जिसका सीटी स्कैन रिपोर्ट में एक बड़ा सा पेट में गोला दिया गया था जो की पेशाब की थैली, बच्चादानी एवं आंत को दाब रहा था।
जब लेप्रोस्कोपी विधि के द्वारा अंदर घुस के देखा गया तो पता चला वह एक बहुत बड़ा पारा ओवेरियन सिस्ट था, जिसके कारण मरीज का पेट पूरा फुला हुआ लग रहा था और उसे भूख भी नहीं लगती थी और बार बार पेशाब जाना पड़ता था और उसे पेट में अत्याधिक दर्द होता था। जिसे हम लोगों ने काट कर निकाल दिया और बायोप्सी जांच के लिए भेजा है मरीज 22 साल की महिला है और उसका एक छोटा सा बच्चा है।
वह भी मरीज ऑपरेशन के बाद ठीक है और जल्द ही उसकी भी छुट्टी कर दी जाएगी क्योंकि दूरबीन विधि के ऑपरेशन में ज्यादा दिन भर्ती रहने की जरूरत नहीं होती।
Operating team:-
लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉक्टर अजीत कुमार , महिला चिकित्सक डॉक्टर तनुश्री,निश्चेतक डॉक्टर दीपक थे ओटी असिस्टेंट नंदिनी प्रणव एवं नीरज थे।

दूसरा ऑपरेशन करने में डॉक्टरों ने अपनी नियमित समय से बाहर जाकर शाम 5:30 बजे तक ऑपरेशन किया ताकि मरीज को जल्द से जल्द आराम मिल सके और वह घर जा सके ।

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