तंबाकू नियंत्रण में उत्कृष्ट कार्य के लिए झारखंड स्वास्थ्य विभाग को मिलेगा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार

झारखंड के तम्बाकू नियंत्रण के प्रयासों को मिली है अंतरराष्ट्रीय पहचान: बन्ना गुप्ता

RANCHI: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के द्वारा तम्बाकू नियंत्रण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए “राज्य तम्बाकू नियंत्रण कोषांग, झारखण्ड” को इस वर्ष का विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पुरस्कार देने का निर्णय लिया है।

विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) दुनियां के चुनिंदा संस्थाओं और व्यक्तियों को प्रतिवर्ष तम्बाकू नियंत्रण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित करता है। सूबे के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के कुशल नेतृत्व में किये गए सराहनीय कार्यों के मद्देनज़र इस प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार हेतु भारत से इस वर्ष झारखण्ड राज्य में तम्बाकू नियंत्रण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए “राज्य तम्बाकू नियंत्रण कोषांग, झारखण्ड” का चयन किया गया है।

झारखण्ड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने इस अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए राज्य तम्बाकू नियंत्रण कोषांग एवं सीड्स को बधाई दी है

साथ ही कहा कि उनके तम्बाकू नियंत्रण हेतु किए गए साकारात्मक प्रयास को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। यह सम्मान राज्य के प्रत्येक व्यक्ति को दिया गया है

क्योंकि आम जनता के सहयोग से हीं यह संभव हो पाया है, और मैं राज्य की जनता से आग्रह करूंगा की वो इसमें निरंतर सहयोग करते रहें ताकि तम्बाकू जनित रोगों से वे बचे रहें।

बन्ना गुप्ता ने बताया कि राज्य तम्बाकू नियंत्रण कोषांग, झारखण्ड तकनीकी सहयोगी संस्था सोशियो इकानाॅमिक एण्ड एडुकेशनल डेवलाॅपमेंट सोसायटी (सीड्स) के साथ मिलकर पिछले एक दशक से तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु अनेक साकारात्मक प्रयास किए है।

जिसके परिणामस्वरूप ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे (GATS-2) 2018 के आंकड़ों के अनुसार झारखण्ड में तम्बाकू सेवन करने वाले व्यक्तियों की संख्या 50.1 प्रतिशत से घटकर 38.9 प्रतिशत हो गया है।

यह आंकड़ा प्रदर्शित करता है कि तम्बाकू नियंत्रण हेतु राज्य तम्बाकू नियंत्रण कोषांग, झारखण्ड एवं तकनीकी सहयोगी संस्था सोशियो इकानाॅमिक एण्ड एडुकेशनल डेवलाॅपमेंट सोसायटी (सीड्स) झारखण्ड द्वारा साकारात्मक प्रयास किए गए है।

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अरूण कुमार सिंह ने कहा कि इस प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए राज्य स्वास्थ विभाग का प्रतिबद्ध प्रयास एवं तकनीकी सहयोगी संस्था सीड्स के इमानदार कार्यशैली का प्रतिफल है।

इस अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार के लिए राज्य के प्रत्येक जनता को बधाई देता हूँ । उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार राज्य तम्बाकू नियंत्रण कोषांग, झारखण्ड को नहीं बल्की राज्य एवं जिला स्तर के सभी पदाधिकारीयों एवं कार्यकर्ताओं को दिया गया है।

यह सम्मान राज्य के हर उस व्यक्ति का उत्साहवर्धन करेगा जिन्हौंने तम्बाकू नियंत्रण में अपनी भूमिका निभाई है।

मैं राज्य, जिला, अनुमण्डल एवं प्रखण्ड स्तर के सभी अधिकारियों एवं पदाधिकारियों को इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मान के लिए बधाई देता हूँ, और आशा करता हूँ की यह प्रयास निरंतर जारी रहेगा।

सीड्स के कार्यपालक निदेशक दीपक मिश्रा ने बताया कि
तम्बाकू नियंत्रण कानून (कोटपा-2003) के अनुपालन को गति प्रदान करने हेतु राज्य स्तर पर राज्य तम्बाकू निरोधक छापामार दस्ते एवं जिलों में त्रिस्तरीय (जिला, अनुमण्डल, प्रखण्ड) तम्बाकू निरोधक छापामार दस्ते का गठन किया गया है।

इसके अलावे राज्य एवं जिला स्तर पर विभिन्न विभागों के पदाधिकारीयों, हितधारकों एवं मिडिया कर्मियों का संवेदीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया है।

जिसके परिणामस्वरुप सभी जिलों में तम्बाकू नियंत्रण कानून (कोटपा-2003) का अनुपालन सुनिश्चित कराने हेतु नियमित रुप से छापामारी की प्रक्रिया को क्रियान्वित कराते हुए कानून के उल्लंघनकर्ताओं को दण्डित भी किया जा रहा है। राज्य के सभी जिलों एवं सभी डेंटल और मेडिकल काॅलेज में तम्बाकू विमुक्ति केन्द्र की स्थापना की गई। राज्य सरकार के निदेशानुसार राज्य के सभी सरकारी एवं गैर सरकारी कार्यालयों को तम्बाकू मुक्त घोषित किया गया।

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