भाजपा ने चतरा डीसी के खिलाफ राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव को सौंपा ज्ञापन

RANCHI: भाजपा का तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल प्रदेश मंत्री सुबोध सिंह गुड्डू के नेतृत्व में राज्य निर्वाचन आयोग पहुंचा।साथ मे प्रदेश मीडिया सह प्रभारी अशोक बड़ाईक एवं विधि विभाग के अधिवक्ता सुधीर श्रीवास्तव भी थे। प्रतिनिधिमंडल ने चतरा डीसी के खिलाफ राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव से मुलाकात कर ज्ञापन सौपा।

भाजपा नेताओं ने सचिव को बताया कि उपायुक्त चतरा द्वारा जारी दो अलग-अलग पत्र में चतरा उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) द्वारा लोकतंत्र में खरवार, भोगता, देशवारी, गंझू, दौतलबंदी, पटबंदी, राउत, मझिआ, खैरी, तमाड़िया एवं पुरान समाज के अधिकारों का हनन करने का प्रयास किया जा रहा है।
भाजपा नेताओं ने कहा कि उपायुक्त, चतरा द्वारा जारी दो अलग-अलग पत्र के संदर्भ में न सिर्फ उपायुक्त, चतरा के खिलाफ कार्रवाई करे बल्कि तत्काल राज्य निर्वाचन आयोग इस संदर्भ में अद्यतन स्थिति भी स्पष्ट करे ताकि चतरा जिला अंतर्गत सभी मतदाता एवं प्रत्याशी अपने आपको ठगा महसूस न करे और लोकतंत्र के पर्व में जम कर हिस्सा ले सके।

भाजपा नेताओं ने कहा कि झारखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव-2022 की प्रक्रिया चल रही है। उपायुक्त, चतरा सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) द्वारा दिनांक 24.04.2022. पत्रांक संख्या-226/ जि.पं. निर्वा के द्वारा सभी निर्वाची पदाधिकारी (चतरा जिला) त्रिस्तरीय पंचायत (आम) निर्वाचन 2022 को सूचित किया गया कि भारत सरकार के द्वारा झारखंड के कुछ जातियों को अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में अधिसूचित करने के संबंध में विषय बनाकर सभी निर्वाची पदाधिकारी, चतरा जिला को सूचित कर दिया गया है। पत्र में प्रसंग के तौर पर विधि एवं न्याय मंत्रालय, भारत सरकार का राज पत्र संख्या-08, दिनांक 08.04.2022 का उल्लेख किया गया है। उपायुक्त, चतरा सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) द्वारा पुनः दिनांक 05.05.2022 को पत्रांक संख्या – 341 / जि.पं.निर्वा. द्वारा सूचित किया गया कि पूर्व का पत्र जो दिनांक 24.04.2022 पत्रांक संख्या-226 / जि.पं.निर्वा को जारी किया गया था, वह पत्र विलोपित किया जाता है। उपायुक्त, चतरा सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) द्वारा एक ही विषय को लेकर दो अलग-अलग आदेश जारी करना न सिर्फ चतरा जिला अंतर्गत मतदाताओं में संदेह पैदा करता है बल्कि वैसे सारे प्रत्याशी जो खरवार, भोगता, देशवारी, गंझू, दौतलबंदी, पटबंदी, राउत, मझिआ, खैरी, तमाडिया एवं पुरान समाज से आते हैं, वे भी भ्रमित हैं।

भाजपा नेताओं ने कहा कि उपायुक्त, चतरा द्वारा उपरोक्त दो आदेश के चलते उपर्युक्त जाति ,समाज के लोगों का न सिर्फ लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हो रहा है बल्कि उनके समाज के सभी प्रत्याशियों के भी लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हुआ है।

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