झारखंड में ड्रॉप आउट बच्चों की संख्या को लेकर केंद्रीय शिक्षा एवं विदेश राज्यमंत्री ने जताई चिंता

मोदी सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति की सेवाः डॉ राजकुमार रंजन सिंह

Ranchi: झारखंड में ड्रॉप आउट बच्चों की संख्या को लेकर केंद्रीय शिक्षा एवं विदेश राज्यमंत्री डॉ0 राजकुमार रंजन सिंह ने चिंता जताई है। रांची के उपायुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार यहां कक्षा 1 से लेकर 6 तक ड्रॉप आउट बच्चों की संख्या अधिक है। मंत्री ने रांची के उपायुक्त को इस दिशा में आवश्यक निर्देश दिया है। उन्होंने ड्रॉप आउट लड़के और लड़कियों की संख्या अलग अलग करने और दोनों के ड्रॉप आउट करने के कारणों को अलग अलग अध्ययन करने को लेकर निर्देश दिया है। केंद्रीय शिक्षा एवं विदेश राज्यमंत्री बुधवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत सभी ड्रॉप आउट बच्चों को वापस लेने की दिशा में हर संभव प्रयास होगा।

उन्होंने कहा कि भाजपा विकास की राजनीति में विश्वास रखती है। केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से ही विकास संभव है।मोदी सरकार द्वारा 2014 से लेकर अभी तक सामाजिक कल्याण की कई योजनाएं चलाई जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को पर्याप्त फंड भी मुहैया कराए जा रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्हें केंद्रीय योजनाओं की मॉनिटरिंग के लिए झारखंड के सिंहभूम की जिम्मेवारी सौंपी गई है। केंद्रीय योजनाओं का इस इलाके में कितना लाभ पहुंचा है और क्या कमियां रह गई हैं। सारी चीजों को लेकर ही उनका यह दौरा है। इसी क्रम में शनिवार को दिल्ली और सिंहभूम जिले का एक वर्चुअल मीटिंग भी आयोजित की गई है जिसमें विस्तार से सारी चीजे सामने आ पाएंगी।

कहा कि भारत के तक्षशिला,नालंदा जैसे विश्वविद्यालय की तरह फिर से हमारे विश्वविद्यालय अग्रणी बने ,इस सोच के साथ मोदी सरकार काम कर रही। नई शिक्षा नीति में सारी बातें समाहित हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भाजपा का मूल मंत्र “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” है। मोदी सरकार इसी मंत्र पर विश्वास करते हुए विकास के नए आयाम गढ़ रही है। मोदी सरकार अंतिम तबके के विकास को लेकर कृत संकल्प है। आम जनता से भी हम सहयोग की अपेक्षा रखते हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार की विदेश नीति की विश्व स्तर पर सराहना होती है। आपसी देशों से हमारा संबंध काफी प्रगाढ़ रहा है। श्रीलंका के वर्तमान हालात में एक पड़ोसी देश होने के नाते हमारा धर्म है कि हम उनका सहयोग करें।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि covid के समय वंदे भारत मिशन के तहत विभिन्न देशों से छात्रों को वापस भारत लाया गया। अभी यूक्रेन युद्ध के समय भी 20 हजार छात्रों को वापस भारत लाया गया। मोदी सरकार इनकी पढ़ाई को लेकर भी चिंतित है कि इनकी पढ़ाई बीच में बाधित नहीं हो।

केंद्रीय मंत्री ने झारखंड के वातावरण की काफी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह उनका पहला झारखंड दौरा रहा है।

इस दौरान प्रेसवार्ता में प्रदेश प्रवक्ता सरोज सिंह, मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक और प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह भी मौजूद थे।

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