क्रिकेट की पिच में सफल खिलाड़ी लेकिन सियासत की फिच में कैसे बोल्ड हुए इमरान

(इस्लामाबाद) : पाकिस्तान को 1992 में क्रिकेट विश्व कप का खिताब दिलाने वाले दिग्गज हरफनमौला खिलाड़ी एवं पूर्व कप्तान इमरान खान ने खेल से न केवल अपने देश में बल्कि पूरी दुनिया में अपना लोहा मनवाया, हालांति जिस तरह वो अपने खेल से पाकिस्तान को गौरवान्वित करते रहे, उस तरह बतौर प्रधानमंत्री अपने देश के लिए कुछ खास नहीं कर कर सके।

पाकिस्तान के 22वें प्रधानमंत्री और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर इमरान खान को आखिरकार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की कुर्सी से हटा दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के एक ऐतिहासिक आदेश के अनुरूप, इमरान खान के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर 342 सदस्यीय नेशनल असेंबली में वोटिंग हुई। अविश्वास प्रस्ताव का 174 सदस्यों ने समर्थन किया और इमरान सरकार गिर गई।

इमरान की क्रिकेट यात्रा

विभाजन के बाद लाहौर के एक संपन्न परिवार में जन्मे इमरान ने अपनी स्कूली शिक्षा रॉयल ग्रामर स्कूल ऑफ वॉर्सेस्टर में पूरी की, जहां उन्होंने पहली बार क्रिकेट खेलना शुरू किया। गेंद के साथ उनकी स्पष्ट प्रतिभा ने उनके लिए वोस्टरशायर काउंटी में जाने का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने वोरस्टरशायर के लिए काउंटी फोल्ड में खेलना शुरू किया और किशोर अवस्था में तीन जून 1971 को इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन क्रिकेट ग्राउंड में अपना अंतरराष्ट्रीय टेस्ट पदार्पण किया, लेकिन वह टीम में स्थायी नहीं हो सके। हालांकि इसके बाद 1972 से 1975 तक, उन्होंने राजनीति, अर्थशास्त्र और दर्शनशास्त्र का अध्ययन करने के लिए केबल कॉलेज, ऑक्सफोर्ड में दाखिला लिया और 23 साल की उम्र में स्नातक हुए। इसके बाद उन्होंने विधिवत अपना अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट शुरू किया।

इमरान 1976 में पाकिस्तान लौटे और राष्ट्रीय टीम में एक स्थायी स्थान अर्जित किया। खान 1970 के दशक के अंत में रिवर्स स्विंग गेंदबाजी तकनीक के अग्रणी थे। 1980 के दशक की शुरुआत में खान ने खुद को एक असाधारण गेंदबाज और हरफनमौला के रूप में स्थापित कर लिया था। उन्हें 1982 में पाकिस्तानी टीम का कप्तान बनाया गया था। खान की एथलेटिक प्रतिभा और अच्छे लुक ने उन्हें पाकिस्तान और इंग्लैंड में एक सेलिब्रिटी बना दिया। 1992 में खान ने अपने क्रिकेट करियर की सबसे बड़ी सफलता हासिल की जब उन्होंने फाइनल में इंग्लैंड को हराकर पाकिस्तानी टीम को अपने पहले विश्व कप खिताब तक पहुंचाया। उन्होंने उसी वर्ष संन्यास ले लिया।

इमरान का घरेलू क्रिकेट करियर

इमरान ने 16 साल की उम्र में लाहौर में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया। 1970 के दशक की शुरुआत तक, वह लाहौर ए (1969-70), लाहौर बी (1969-70), लाहौर ग्रीन्स (1970-71) और अंततः लाहौर (1970-71) की अपनी घरेलू टीमों के लिए खेल रहे थे। इमरान 1973-1975 सीज़न के दौरान यूनिवर्सिटी ऑफ़ ऑक्सफ़ोर्ड की ब्लूज़ क्रिकेट टीम का हिस्सा थे। उन्होंने 1971 से 1976 तक वोस्टरशायर के लिए इंग्लिश काउंटी क्रिकेट खेला। इस दशक के दौरान, इमरान द्वारा प्रतिनिधित्व की गई अन्य टीमों में दाऊद इंडस्ट्रीज (1975-1976) और पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (1975-1976 से 1980-1981) शामिल थे। 1983 से 1988 तक वह ससेक्स के लिए खेले।

इमरान का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर

इमरान ने 88 टेस्ट क्रिकेट में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया और 362 विकेट लिए। इसमें 58 रन देकर 8 विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। इसके अलावा टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने बल्ले से भी कमाल करते हुए 37.69 की औसत से 3807 रन बनाए हैं, जिसमें उनके नाम 6 शतक और 18 अर्धशतक दर्ज है। उनका उच्चतम स्कोर 136 था। इमरान ने 02 जनवरी 1992 को पाकिस्तान के लिए अपना आखिरी टेस्ट मैच श्रीलंका के खिलाफ फैसलाबाद में खेला था।

इमरान ने 31 अगस्त 1974 को इंग्लैंड के खिलाफ ट्रेंट ब्रिज में एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। एकदिनी में उन्होंने 175 मैच खेले और 33.41 की औसत से 3709 रन बनाए। इसमें 1 शतक और 19 अर्धशतक शामिल हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर नाबाद 102 रन था। उनकी सर्वश्रेष्ठ एकदिवसीय गेंदबाजी 14 रन पर 6 विकेट थी।

इसके अलावा उन्होंने एकदिनी क्रिकेट में 182 विकेट भी लिये, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 14 रन देकर 6 विकेट है। इमरान ने 25 मार्च 1992 इंग्लैंड के खिलाफ मेलबर्न में अपना आखिरी एकदिनी खेलकर एकदिवसीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया।

इमरान खान बतौर कप्तान

वर्ष 1982 में तीस वर्षीय खान ने जावेद मियांदाद की जगह पाकिस्तान क्रिकेट टीम की कप्तानी संभाली। एक कप्तान के रूप में खान ने 48 टेस्ट मैच खेले, जिनमें से 14 पाकिस्तान ने जीते, 8 हारे और शेष 26 ड्रा रहे। उन्होंने 139 एकदिवसीय मैच भी खेले, जिसमें 77 जीते, 57 हारे और एक मैच बराबरी पर रहा। एक कप्तान और क्रिकेटर के रूप में इमरान के करियर का उच्चस्तर तब आया जब उन्होंने 1992 के क्रिकेट विश्वकप में पाकिस्तान को खिताबी जीत दिलाई।

प्रमुख क्रिकेटिंग पुरस्कारः इमरान ने अपने क्रिकेट करियर के दौरान कई पुरस्कार जीते, जो इस प्रकार हैं-

1. क्रिकेट सोसाइटी वेदरॉल अवार्ड, अंग्रेजी प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अग्रणी ऑलराउंडर। (1976 और 1980)।

2. विजडन क्रिकेटर ऑफ द ईयर (1983)।

3. ससेक्स क्रिकेट सोसायटी प्लेयर ऑफ द ईयर (1985)।

4. इंडियन क्रिकेटर ऑफ द ईयर (1990)।

5-अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद हॉल ऑफ फ़ेम, शताब्दी वर्ष समारोह। (9 जुलाई 2004)।

6-उद्घाटन रजत जयंती पुरस्कार, एशियाई क्रिकेट परिषद, कराची। (5 जुलाई 2008)।

7.इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल हॉल ऑफ फ़ेम (2010)।

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