पाकिस्तान में सत्ता परिवर्तन होते ही चीन के बदले सुर

बीजिंग । पाकिस्तान में इमरान खान के सत्ता से बेदखल होने के साथ ही चीन ने सुर बदलते हुए कहा है कि चीन और पाकिस्तान के बीच संबंध खान के कार्यकाल के मुकाबले बेहतर हो सकते हैं। माना जा रहा है कि पाकिस्तान के अगले प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ बन सकते हैं।

चीनी सरकार द्वारा संचालित ‘ग्लोबल टाइम्स’ में एक लेख में कहा गया है कि चीनी और पाकिस्तानी विश्लेषकों का मानना है कि चीन-पाकिस्तान संबंध आंतरिक राजनीतिक परिवर्तन से प्रभावित नहीं होंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि चीन के साथ द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती के लिए पाकिस्तान में सभी दलों की संयुक्त सहमति है।

वहीं एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इमरान खान की जगह शरीफ परिवार आ सकता है जो लंबे समय से चीन और पाकिस्तान संबंधों को मजबूत करने का हिमायती रहा है। चीन के पारंपरिक राजनीतिक दलों के शासन काल में दोनों देशों के बीच रिश्ते मधुर रहे हैं।

यही नहीं चीनी विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि इमरान पाकिस्तान के आर्थिक हालात को संभालने में विफल रहे। नवाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा यानी सीपीईसी का काम बेहतर ढंग से आगे बढ़ा था।

उल्लेखनीय है कि चीन को इमरान खान से आपत्ति थी, क्योंकि विपक्ष में रहने के दौरान वह सीपीईसी के कट्टर आलोचक थे, लेकिन साल 2018 में पीएम की कुर्सी संभालते ही वह इस परियोजना के फैन बन गए।

सिंघुआ विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय रणनीति संस्थान में अनुसंधान विभाग के निदेशक कियान फेंग कहते हैं कि पाकिस्तान में हुआ हालिया सियासी फेरबदल राजनीतिक दलों के टकराव, मुलक की डांवाडोल अर्थव्यवस्था और बेरोजगारी का नतीजा था। इमरान खान की सरकार कोविड-19 महामारी के चलते देश की पहले से ही खस्ताहाल अर्थव्यवस्था को संभालने में नाकाम रही थी।