बच्ची की पीठ पर मां ने लिखी परिवार की जानकारी, यूक्रेन में परिवार को था मरने का डर

नई दिल्‍ली । रूसी सेना (Russian Army) की बढ़ती आक्रामकता के बीच कई यूक्रेनी परिवारों (Ukrainian Families) को मारे जाने का डर है. अब उन्होंने अपने परिवार की जानकारी अपने बच्चों के शरीर पर लिखना शुरू कर दिया है. इस चौंकाने वाली घटना की तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर वायरल (Social Media Viral) हो रही हैं. इन बच्चों की तस्वीरों को कई पत्रकारों ने ट्वीट (Tweet) किया है जो युद्द की त्रासदी को उजागर कर रहे हैं. यूक्रेनी मांएं अपने परिवार के संपर्क अपने बच्चों के शरीर पर लिख रहे हैं, ताकि अगर वो मारे जाएं और उनके बच्चे बच जाएं तो उनके लिए वो संपर्क काम आ सकें.

और यूरोप अभी भी गैस पर चर्चा कर रहा है,” ट्विटर पर एक स्वतंत्र पत्रकार एनेस्तासिया लापाटीना ने ऐसी ही एक तस्वीर के साथ लिखा है. इसमें एक छोटी से यूक्रेनी बच्ची की पीठ पर लिखा नाम और टेलीफोन नंबर दिखता है जो उसकी मां ने लिखा है.

बच्ची की यह फोटो उसकी मां साशा माकोविए ने तीन दिन पहले इंस्टाग्राम पर पोस्ट की थी. यह पोस्ट स्थानीय भाषा में है लेकिन एक गूगल ट्रांसलेशन दिखाता है कि महिला ने अपनी बच्ची वेरा का नाम लिखने का फैसला किया ताकि अगर उसे कुछ हो जाए तो कोई उसकी जान बचा सके.

एक और फोटो में माकोविए ने कहा कि परिवार सुरक्षित है लेकिन अभी तक वो ऐसा कागज बाहर नहीं फेंक पाई हैं जिसपर कुछ जानकारियां लिखी हैं.

बच्ची की फोटो पर प्रतिक्रिया देते हुए एक ट्विटर यूज़र ने लिखा है, “यह दिल तोड़ने वाला है, मेरे पास शब्द नहीं हैं. “

रूस और यूक्रेन के युद्ध की डरावनी तस्वीरें सामने आई हैं. युद्ध को एक महीने से अधिक बीत चुका है. पिछले हफ्ते द गार्डियन ने एक रिपोर्ट की थी कि जिसमें कहा गया था कि रूसी सेना बच्चों को भागने के लिए “मानवीय ढाल” की तरह प्रयोग कर रही है.

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि बच्चों से भरी बसों को नोव्यी बायकीव गांव में टैंकों के सामने रखा गया, यह जगह चेर्निहीव से दूर नहीं है.

फिर, यूक्रेन की राजधानी कीव के बाहर बूचा में सामूहिक कब्रों की खबर सामने आई जिसमें हाथ-पैर बंधे हुए शव भी मिले. इसके बाद रूस की कड़ी वैश्विक आलोचना हुई थी. रूस के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन को युद्धअपराध का दोषी बताया था और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इन हत्याओं को नरसंहार कहा था.