प्रदर्शनकारी आतंकवादी नहीं – मानवाधिकार आयोग

(कोलंबो) :  श्रीलंका के मानवाधिकार आयोग (एचआरसीएसएल) प्रमुख ने देश में आर्थिक संकट को लेकर राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के आवास के बाहर हिंसक विरोध प्रदर्शन करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए लोगों पर अधिकारियों को आतंकवाद का आरोप लगाने के खिलाफ चेतावनी दी है।
एचआरसीएसएल की अध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रोहिणी मरासिंघे ने जोर देकर कहा है कि गुरुवार को हिरासत में लिए गए लोगों पर आतंकवाद निरोधक अधिनियम (पीटीए) नहीं लगाना चाहिए। इसका इस्तेमाल अतीत में तमिल टाइगर अलगाववादियों और अन्य हिंसक समूहों के खिलाफ किया गया था।