इन 5 मंदिरों के दर्शन मात्र से दूर हो जाता है शनि का प्रकोप, इसके पीछे ये है मान्यता

नई दिल्ली. हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र (Astrology) में शनि देव को न्याय का देवता माना जाता है. हालांकि कहीं-कहीं शनि को पापी ग्रह भी कहा गया है. किसी भी जातक की कुंडली में शनि (saturn) की अशुभ स्थिति नुकसानदायक होती है. इसके साथ ही शनि को कर्म का देवता भी करते हैं. माना जाता है कि ये इंसान को उसके कर्मों के मुताबिक फल देते हैं. साढ़ेसाती के दौरान अगर काम बनते-बनते बिगड़ जाए तो इसका मतलब है कि शनि का प्रकोप है. ऐसे में जातक कुछ उपाय करके शनि का प्रभाव कम कर सकता है. भारत में शनि देव के कुछ ऐसे मंदिर हैं, जिसे बेहद चमत्कारी माना जाता है. मान्यता है कि यहां दर्शन करने से शनि की पीड़ा सहित जीवन के सभी कष्ट दूर (pain away) हो जाते हैं. आइए जानते हैं शनि देव के 5 चमत्कारी मंदिर के बारे में.

शनि धाम, नई दिल्ली
शनि देव (Shani Dev) को समर्पित यह मंदिर नई दिल्ली के छतरपुर रोड में स्थित है. इस मंदिर में शनि देव की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है. यहां दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु आते हैं. साथ ही यहां शनि देव की प्राकृतिक मूर्ति की पूजा होती है. माना जाता है कि इस मंदिर में दर्शन से सभी पाप धुल जाते हैं.

शनि मंदिर, इंदौर
इंदौर (Indore) में शनि देव का प्राचीन और चमत्कारिक मंदिर मौजूद है. यह इंदौर के जूनी में स्थित है. इस मंदिर के बारे में अनेक कथाएं प्रचलित हैं. मान्यता है कि इस स्थान पर अहिल्याबाई (Ahilya Bai) शनि देव की पूजा करने आई थीं. इसके अलावा मान्यता ये भी है कि इस मंदिर की स्थापना नहीं की गई है.

शनि शिन्ग्नापुर
शनि शिन्ग्नापुर मंदिर, महाराष्ट्र राज्य (Maharashtra State) के अहमदनगर जिले में अवस्थित है. यह शनि मंदिर तकरीबन 300 साल पुराना है. इस मंदिर में किसी भी प्रकार का छत या दीवार नहीं है. यहां 5 फीट ऊंचा काला पत्थर है, जिसे लोग श्रद्धापूर्वक पूजते हैं. कहते हैं शनि शिन्ग्नापुर गांव के किसी भी घर में दरवाजा नहीं है. मान्यता है कि यहां के लोगों की रक्षा शनि देव करते हैं. हालांकि इस मंदिर में महिलाओं का प्रवेश निषेध है.

शनिचरा मंदिर, मध्यप्रदेश
यह मध्यप्रदेश का सबसे प्रचीन शनि मंदिर है. जो कि मुरैना जिले के ऐंती गांव में पहाड़ियों पर स्थित है. माना जाता है कि यह रामायण काल का स्थान है. पुराणों में वर्णित कथाओं के मुताबिक रावण की कैद से मुक्त होने के पश्चात् हनुमानजी ने शनि देव को यहीं छोड़ा था. मान्यता है कि यहां शनि पर्वत की परिक्रमा करने से शनि के श्राप से छुटकारा मिल जाता है.

थिरुनल्लर मंदिर, तमिलनाडु
यह मंदिर पुदुचेरी के तिरुनल्लर में स्थित है. शनि देव के समर्पित यह मंदिर तमिलनाडु के पास है. इस मंदिर को नवग्रह मंदिर के रूप में भी जाना जाता है. कावेरी नदी के किनारे स्थित यह शनि मंदिर सबसे पवित्र माना जाता है. मान्यता है कि इस मंदिर में पूजा करने के बाद राजा नल को शनि के प्रकोप से मुक्ति मिली थी.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. हम इसकी पुष्टि नहीं करते है.)