मध्‍य प्रदेश को आर्थ‍िक रूप से सशक्‍त बनाने के लिए पचमढ़ी में शिवराज की चिंतन बैठक में बन रही योजना

भोपाल । मध्य प्रदेश सरकार की दो दिवसीय (26-27 मार्च) चिंतन बैठक पचमढ़ी में शुरू हो गई है। मंत्रिपरिषद यहां मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मार्गदर्शन में आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश के आइडिया पर विचार कर रही है । साथ ही 2023 विधानसभा चुनाव का रोडमैप तैयार किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्‍य है कि आगामी एक साल में योजनाओं एवं आर्थ‍िक क्षेत्र के सकारात्‍मक प्रयासों से मध्‍य प्रदेश को आर्थ‍िक रूप से पूरी तरह से सक्षम बनाया जा सके। आत्मनिर्भर योजना के तहत प्रदेश में कई कार्य किए जा रहे हैं। बैठक के बाद मंत्री अपने अपने कार्यक्षेत्र का भ्रमण करेंगे व लोगों से मुलाकात करेंगे।

उल्‍लेखनीय है कि फिलहाल शिवराज सरकार के प्रयासों से एमपी में जीडीपी बढ़ी है। इसके साथ ही प्रति व्यक्ति आय में भी बढ़ोत्तरी हुई है।मध्यप्रदेश ने स्थिर भावों पर सकल घरेलू उत्पाद में 2021-22 में 10.12% की वृद्धि हासिल कर ली है। स्थिर भावों पर प्रदेश का सकल घरेलू उत्पाद 2021-22 में बढ़कर 5 करोड़ 64 लाख 514 करोड़ रुपए हो गया है। इसके 6 करोड़ 21 लाख 653 करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है। किसान हितैषी नीतियों और किसानों को संकट में मदद देने वाली योजनाओं से बढ़ी हुई जीडीपी में प्राथमिक क्षेत्र का सर्वाधिक 37.43% योगदान है। वर्ष 2021-22 अग्रिम के दौरान बीते वर्ष से प्राथमिक क्षेत्र में 10.32 प्रतिशत, द्वितीयक क्षेत्र में 10.59 प्रतिशत और तृतीयक क्षेत्र में 9.67 प्रतिशत की बढ़ोतरी अनुमानित हैं।

वर्ष 2021-22 के दौरान हर क्षेत्र में 10.86% की वृद्धि हुई है। दलहन, तिलहन के क्षेत्रफल एवं और उत्पादन में वृद्धि हुई है। नए 1130 कृषक उत्पादक संगठनों का गठन किया जा चुका है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान-कल्याण योजना को मिलाकर कुल 10 हज़ार रुपये हर साल प्रत्येक किसान को मिल रहे हैं।कृषि उपज को सुरक्षित रखने के लिए वैज्ञानिक भंडारण की क्षमता बढ़ाते हुए 203 लाख 39 हजार मीट्रिक टन हो गई है। गेहूं उपार्जन 128 लाख 16 हजार मीट्रिक टन और धान का उपार्जन 45 लाख 86 हजार मीट्रिक टन रहा है।

दुग्ध उत्पादन बढ़कर 17 हजार 999 मीट्रिक टन हो गया है। पंजीकृत दुग्ध सहकारी समितियों की संख्या 10 हजार 205 हैं। इनमें से 7205 कार्यरत हैं। ये समितियां प्रतिदिन औसतन 5.60 किलोग्राम दूध का संकलन कर रही हैं। कोरोना संक्रमण काल में भी यह सिलसिला जारी रहा।अधो-संरचना के निर्माण में तेजी आई है। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हुआ है। सड़क और सिंचाई क्षेत्र में प्रगति हुई है। वर्ष 2020-21 में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उदयोगों में 5178 करोड़ रूपये का पूंजी निवेश हुआ। विद्युत क्षेत्र में प्रदेश पूरी तरह आत्म-निर्भर हो गया है। कुल उपलब्ध विद्युत क्षमता 21 हजार 401 मेगा वाट है। विद्युत की पर्याप्त उपलब्धता है। विद्युत विक्रय में भी 5.37% की बढ़ोतरी हुई है। नवकरणीय ऊर्जा बढ़कर 5100 मेगा वाट हो गई है। विगत 5 वर्षों में लगभग 10 गुना से ज्यादा वृद्धि हुई है।

अब सरकार मध्य प्रदेश में इसी साल के अंत में यानि नवबंर में इंवेस्टर्स समिट 2022 आयोजित करने जा रही है। इस आयोजन की तैयारियां भी जोरों पर हैं। इस समिट में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने के लिए कार्पोरेट्स बिजनेस हाऊसेस और अलग-अलग सेक्टर्स की शीर्ष कम्पनियों को आमंत्रित किया जाना है। इसके अलावा फार्मा एण्ड मेडिकल डिवाइसेस, टेक्सटाईल एण्ड गारमेंट मैन्युफैक्च रिंग, एग्री एण्ड फूड प्रोसेसिंग, बायो-टेक्नोलॉजी, स्टार्ट-अप्स, इंजीनियरिंग ऑटोमोबाइल एण्ड इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, लॉजिस्टिक्स एण्ड वेयरहाउसिंग सहित निवेश के नवीन क्षेत्रों में इकाइयों की स्थापना के लिए निरंतर प्रयास जारी है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पूर्व के वर्षों में हुई इन्वेस्टर्स समिट के फलस्वरूप प्रदेश में निवेश बढ़ा है। युवाओं को रोजगार भी मिला है। आगामी समिट के पहले होने वाले नई दिल्ली और मुम्बई के रोड शो में वे स्वयं जाएंगे। मुख्यमंत्री चौहान ने देश के अन्य प्रमुख नगरों में मंत्री राजवर्धन सिंह और ओम प्रकाश सखलेचा द्वारा भी रोड शो में भागीदारी का आग्रह किया। मुख्यमंत्री चौहान अंतर्राष्ट्रीय रोड शो के लिए मई माह में दावोस और जर्मनी की यात्रा को भी अंतिम रूप दे सकते हैं।