माथे पर काले धब्बों की समस्‍या से हैं परेशान तो इस तरह पाए छुटकारा, आजमाए ये आसान उपाय

नई दिल्‍ली. डार्क पैच या हाइपरपिग्मेंटेशन (hyperpigmentation) अक्सर त्वचा के खराब होने का संकेत होते हैं. ये पैच आमतौर पर मेलेनिन के अतिरिक्त उत्पादन के कारण होते हैं. एक टिंट जो त्वचा के लिए एक प्रकार की सुरक्षा के रूप में कार्य करता है. हाइपरपिग्मेंटेशन तब होता है जब त्वचा बहुत अधिक मेलेनिन पैदा करती है, जो तब जमा होती है, जिसके परिणामस्वरूप धब्बे और पैच बनने लगते हैं, जो आसपास की त्वचा की तुलना में गहरे रंग के होते हैं. अक्सर कई लोगों के माथे पर ऐसे काले धब्बे (dark spots) बन जाते हैं.

माथे पर हाइपरपिग्मेंटेशन होने के कारण:
1) सूर्य के प्रकाश का अत्यधिक संपर्क:
आपको पता होना चाहिए कि सूर्य के प्रकाश (sunlight) का अत्यधिक संपर्क त्वचा के लिए अच्छा नहीं हो सकता है. यह सनबर्न का कारण बन सकता है और कई अन्य तरीकों से त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए जब भी आप घर से बाहर निकलने का प्लान करें तो सनस्क्रीन (sunscreen) लगाना जरूरी है.

2) खुरदुरे तौलिये का इस्तेमाल:
त्वचा शरीर का बाहरी अंग है और काफी संवेदनशील होती है. अगर आपको अपना चेहरा पोंछने के लिए तौलिया का इस्तेमाल करने की आदत है तो सावधान हो जाइए. खुरदुरे तौलिये के कारण होने वाला लगातार घर्षण आपकी त्वचा के लिए समस्याजनक हो सकता है.

3) एकैन्थोसिस नाइग्रिकन्स:
यह एक त्वचा की स्थिति है जो इंसुलिन रेजिस्टेंट(insulin resistant) के कारण होती है. इससे आपकी त्वचा पर काले धब्बे भी हो सकते हैं.

4) बाम:
क्या आप ऐसे व्यक्ति हैं जिन्हें सिरदर्द(Headache) की बड़ी समस्या है? बाम, जब नियमित रूप से उपयोग किया जाता है, तो आपकी त्वचा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, जिसके परिणामस्वरूप माथे पर कालापन आ जाता है.

5) एलर्जी:
बहुत से लोग अपने बालों को रंगने के लिए अलग-अलग हेयर डाई का इस्तेमाल करते हैं. हालांकि, उनमें रासायनिक सामग्री हो सकती है और त्वचा से एलर्जी हो सकती है. इतना ही नहीं त्वचा विशेषज्ञ ने बताया कि परफ्यूम या किसी अन्य सुगंध के कारण होने वाली एलर्जी से भी आपकी त्वचा पर काले धब्बे पड़ सकते हैं.

कैसे करें डार्क पैच का इलाज
1) बालों के रंग, बाम या परफ्यूम से बचें: अगर आप किसी के माथे पर काले धब्बे की समस्या का सामना कर रहे हैं, तो पहले बालों के रंग, बाम या परफ्यूम का उपयोग करना बंद कर दें और देखें कि क्या इससे कोई फर्क पड़ता है.

2) इंसुलिन लेवल की जांच करें: सुनिश्चित करें कि आप अपने इंसुलिन लेवल का समय-समय पर टेस्ट करवाते रहें, क्योंकि यह आपकी समस्या का कारण हो सकता है.

3) ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन: ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन के लिए जाना हमेशा सुरक्षित होता है.

4) पसीने को पोंछने के लिए सॉफ्ट नैपकिन का इस्तेमाल करें: अगर आपको लगातार अपने रफ टॉवल को अपने माथे पर इस्तेमाल करने की जरूरत है तो अपने रफ तौलिये को सॉफ्ट नैपकिन से बदलें.

5) इन प्रोडक्ट का उपयोग करें: विटामिन सी, कोजिक एसिड, अल्फा अर्बुटिन, लीकोरिस, एएचए, रेटिनॉल जैसे अवयवों वाले प्रोडक्ट का उपयोग करना अत्यधिक उचित है.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. इसे अपनाने से पहले डॉक्‍टर सलाह जरूर लें. हम इसकी पुष्टि नहीं करते है.)

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