बिहार के धरहरा बनमनखी में है वह स्थान जहां खंभा तोड़कर प्रकट हुए थे नरसिंह भगवान

बिहार के पूर्णिया जिले के धरहरा बनमनखी में मौजूद है वह खंभा जिसे तोड़कर भगवान विष्णु के अवतार नरसिंह भगवान प्रकट हुए थे। यह खंभा आज भी धरहरा में मौजूद है। यहां पर नरसिंह भगवान का एक मंदिर भी है। जिसके दर्शन के लिए श्रद्धालु दूर-दूर से आते हैं। इसी खंभे से प्रकट होकर नरसिंह रूप में भगवान विष्णु ने हिरण्यकश्यप का वद्ध किया था।

इसके पीछे एक पौराणिक कथा भी है। बताया जाता है सतयुग में भक्त प्रह्लाद भगवान विष्णु के बहुत बड़े भक्त थें। उसके पिता हिरण्यकश्यप स्वयं को ईश्वर समझते थे, उसने समस्त प्रजा को उसे ही पूजने को कहा, समस्त प्रजा उसके डर से उसे ही पूजती थी। पर उसका पुत्र प्रह्लाद उसे भगवान नहीं मानते थें। प्रह्लाद सिर्फ भगवान विष्णु की ही पूजा किया करते थें।

जिसके बाद यह बात उसके पिता हिरण्यकश्यप को जब यह पता चला तो, उसने प्रह्लाद को समझाया कि मैं ही ईश्वर हूं। परन्तु प्रह्लाद ने अपने पिता को ईश्वर मानने से इनकार कर दिया। तब उसके पिता ने उसे कई बार उसे मारने की कोशिश की कभी उसने ऊंचे पहाड़ से प्रह्लाद को गिराने की कोशिश की, तो कभी उसने खोलते हुए तेल में गिराकर मारने की कोशिश की। पर हर बार भगवान विष्णु की कृपा से वह बच जाते थें। फिर हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका की मदद ली। होलिका के पास एक ऐसा वस्त्र था, जिसे ओढ़ने के बाद वह आग में नहीं जलती थी। होलिका ने प्रह्लाद को अपने साथ लेकर आग में जलाने की कोशिश की पर उस दिन वह वस्त्र भगवान विष्णु की कृपा से प्रह्लाद के शरीर पर आ गया ,जिसके बाद होलिका का दहन हो गया। और प्रह्लाद बच गए। उसी दिन से हम सभी होलिका दहन मनाते हैं।

एक दिन सभा में हिरण्यकश्यप ने प्रह्लाद को बुलाया और पूछा तुम्हारे भगवान कहां है? तो प्रह्लाद ने कहा वह हर जगह है पिताश्री (हम में तुम में खड़े खंभ में )तो हिरण्यकश्यप ने कहा क्या इस खंभा में भी भगवान है। प्रह्लाद ने कहा जी पिताश्री इस पर गुस्सा होकर हिरण्यकश्यप ने उस खंभे पर प्रहार किया। और उसी खंभे से भगवान विष्णु नरसिंह अवतार में प्रकट हुए और हिरण्यकश्यप का वद्ध किया।

 

यह खंभा आज भी बिहार के धरहरा में मौजूद है। प्रत्येक वर्ष यहां होलिका दहन बड़े धूमधाम से मनाया जाता है।इस जगह का होलिका दहन पूरे देश में प्रचलित होना चाहिए। पर पूरे देश को इस स्थान के बारे में पता नहीं है। यह जगह उतना प्रचलित भी नहीं है। जबकि इस जगह के बारे में पूरे देश को पता होना चाहिए।

Report:- रंजन भगत