भोपाल की नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी एक बार फिर से सुर्खिओं में

भोपाल की नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी (NLIU) में छात्राओं से यौन शोषण का मामला सामने आया है। छात्राओं ने यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर तपन रंजन मोहंती पर अश्लील मैसेज भेजने का आरोप लगाया है। मामले की शिकायत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से भी की गई है। छात्राओं ने इस मामले को लेकर गुरुवार को कैंपस में प्रोफेसर मोहंती के ऑफिस में हंगामा भी किया। हंगामे के बाद मोहंती ने अतिरिक्त दायित्वों से इस्तीफा दे दिया। तपन रंजन मोहंती फर्जी डिग्री मामले में भी घिरे हैं।

छात्राओं की तरफ से छात्र संगठन के सदस्यों ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश डीजीपी को दिए। इसके बाद जांच के लिए मामला भोपाल कमिश्नर मकरंद देउस्कर को सौंपा गया। कमिश्नर के निर्देश पर डीएसपी निधि सक्सेना ने जांच शुरू कर दी है। शुक्रवार दोपहर डीएसपी सक्सेना अपनी टीम के साथ NLIU कैंपस पहुंचीं। यहां छात्राओं के बयान दर्ज किए। हालांकि जांच अधिकारियों ने इस बात का खुलासा नहीं किया कि कितनी छात्राओं ने शिकायत की है।

छात्राओॆं को अकेले में बुलाते थे प्रोफेसर मोहंती
प्रोफेसर मोहंती 23 साल से पदस्थ हैं। उन पर करीब 100 छात्राओं के साथ यौन शोषण का आरोप है। आरोप है कि ऑफलाइन कक्षाओं के दौरान प्रोफेसर मोहंती अकेले में छात्राओं को बुलाते थे। इसके बाद अश्लील मैसेज और वीडियो छात्राओं को भेजते थे। छात्राओं का दावा है कि उनके पास सबूत के तौर पर वो मैसेज और वीडियो मौजूद है। पीड़ित छात्राओं की शिकायत पर यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने मामले में जांच की और प्रोफेसर मोहंती को दोषी मानकर उनसे इस्तीफा मांगा था। साथ ही कानूनी कार्रवाई की बात कही थी। जिसके बाद प्रोफेसर मोहंती ने इस्तीफा दे दिया। जिसे स्वीकार कर लिया गया।

मोहंती ने इस्तीफा दिया
मोहंती ने हंगामे के बाद केबिन में ही एक इस्तीफा लिखा। उन्होंने डीन, डिस्टेंस एजुकेशन और इंचार्ज अकादमिक ब्लॉक-1 के पद से इस्तीफा दे दिया। मोहंती का फोन बंद होने के कारण उनसे संपर्क नहीं हो पाया।

छात्र छात्राओं से दुर्व्यवहार सहन नहीं किया जाएगा: CM

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि छात्र-छात्राओं से दुर्व्यवहार सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आवश्यकता होने पर प्रकरण के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और हाईकोर्ट के न्यायाधीश से भी चर्चा की जाएगी।

फर्जी डिग्री मामले में भी नाम सामने आया था

करीब 4 साल पहले एनएलआईयू की परीक्षा शाखा के कम्प्यूटर सिस्टम खराब हो गया था। इसमें छात्रों की परीक्षा और उसके रिजल्ट संबंधी रिकॉर्ड का रखरखाव किया जाता था। उसकी हार्ड डिस्क खराब होने से कई सवाल खड़े हो गए। इसमें परीक्षा टाइम टेबल से लेकर टेबुलेशन चार्ट शीट की सॉफ्ट कॉपी रखी जाती थी।

आरोप लगे कि फेल छात्रों को फर्जी तरीके से बीए-एलएलबी (ऑनर्स) की डिग्री दे दी गई। एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में गठित की गई कमेटी ने 9 प्रोफेसर्स और नॉन टीचिंग स्टाफ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश तक की थी। गड़बड़ी के दौरान मोहंती फैकल्टी इंचार्ज थे।