बेटीओं ने कहाँ मारी बजी और बहुओं ने कहाँ बिगाड़ी आपनी पगड़ोर पढिए आप भी

देश के पांच राज्यों- उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में हुए विधानसभा चुनाव के परिणाम आ गए हैं। चुनावी नतीजे आने के बाद से कहीं ढोल-नगाड़े बज रहे हैं, होली से पहले रंग-अबीर उड़ाया जा रहा है तो किसी का दिल रंजोगम से भर गया है। कुछ महिलाओं ने भारी बहुमत से जीत हासिल की है तो कुछ ने अपने प्रति​द्वंदियों को कड़ी टक्कर दी

उन्नाव: रेप पीड़िता की मां को राजनीति में नहीं मिली सहानुभूति
कांग्रेस ने उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की मां आशा सिंह को उन्नाव सदर सीट से मैदान में उतारा था। यहां आशा सिंह का मुकाबला भाजपा प्रत्याशी पंकज गुप्ता, सपा उम्मीदवार अभिनव कुमार और बसपा के देवेंद्र सिंह से था। इस सीट पर भाजपा प्रत्याशी पंकज गुप्ता ने जीत दर्ज की है, जबकि आशा सिंह को सिर्फ 957 वोट मिले। वहीं, नोटा में 1176 वोट पड़े हैं। राजनीति में पहली बार कदम रखने वाली आशा सिंह ने इस मुकाबले को महिला सम्मान की लड़ाई से जोड़ दिया था। प्रियंका गांधी ने आशा सिंह को जिताने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी।

कैराना: नाहिद हसन से फिर हारीं मृगांका सिंह
पश्चिमी यूपी की सबसे हॉट सीट कैराना पर कांटे का मुकाबला था। कैराना से भाजपा उम्मीदवार मृगांका सिंह अपने निकटतम प्रतिद्वंदी और सपा प्रत्याशी नाहिद हसन से मुकाबले में 18 हजार वोटों से हार गईं। पिछले विधानसभा चुनाव में भी दिवंगत भाजपा सांसद हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह दूसरे नंबर पर रही थीं। बता दें कि कैराना से हिंदुओं के पलायन का मुद्दा उठाकर हुकुम सिंह ने इस सीट को खास बना दिया था। भाजपा ने हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह को इस सीट से टिकट देकर इस मुद्दे को और हवा देने का काम किया। खास बात यह है कि हुकुम सिंह इस सीट से सात बार विधायक बने थे।

गोरखपुर: योगी से बुरी तरह हारीं सपा की सुभावती शुक्ला
यूपी की सबसे हाई प्रोफाइल सीट गोरखपुर से पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कब्जा रहा है। इस बार भी योगी आदित्यनाथ एक लाख दो हजार से ज्यादा वोटों से यहां से जीते हैं। इस बार योगी आदित्यनाथ के खिलाफ सपा ने पूर्व भाजपा के दिवंगत नेता उपेंद्र शुक्ला की पत्नी सुभावती शुक्ला को मैदान में उतारा था, लेकिन सुभावती शुक्ला हार गईं। हाल ही में सुभावती अपने बेटे के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल हुई हैं। योगी के करीबी और ब्राह्मणों का चेहरा माने जाने वाले उपेंद्र शुक्ला का मई 2020 में ब्रेन हेमरेज के चलते निधन हो गया था

नोएडा: ‘पंखुड़ी’ नहीं, जनता ने ‘पंकज’ को चुना
नोएडा विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने पंखुड़ी पाठक को उम्मीदवार बनाया था। पंखुड़ी पाठक का मुकाबला रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह, सपा प्रत्याशी सुनील चौधरी, बसपा कृपाराम शर्मा और आम आदमी पार्टी के पंकज अवाना से था। इस सीट पर पंकज सिंह 1.77 लाख से अधिक वोट यानी भारी बहुमत से विजयी रहे। वहीं पंखुड़ी पाठक चौथे नंबर पर रहीं। समाजवादी पार्टी से छात्र नेता रहीं पंखुड़ी ने साल 2019 में सपा नेता और पूर्व प्रवक्ता अनिल यादव से शादी की। शादी के दो साल बाद सपा छोड़कर कांग्रेस ज्वाइन कर ली थी।

लखनऊ सेंट्रल: लड़की लड़ी, लेकिन मुकाबले में रही बहुत पीछे
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सेंट्रल सीट से कांग्रेस ने सीएए/एनआरसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए जेल जा चुकीं सदफ जफर को टिकट दिया था। सदफ जफर का मुकाबला भाजपा के रजनीश कुमार गुप्ता, सपा के रविदास मेहरोत्रा और बसपा के आशीष चंद्रा से था। इस सीट पर सपा प्रत्याशी रविदास मेहरोत्रा जीते। वहीं सदफ जफर चौथे नंबर पर रहीं।

सिराथू: डिप्टी सीएम केशव प्रसाद को पल्लवी पटेल ने हराया सिराथू विधानसभा सीट पर मुकाबला बेहद कांटे का रहा। इस सीट पर भाजपा के दिग्गज नेता और यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के खिलाफ समाजवादी पार्टी गठबंधन से पल्लवी पटेल मैदान में थीं। शुरुआती रुझान में केशव प्रसाद मौर्य आगे चल रहे थे, लेकिन दो बजे के बाद पल्लवी पटेल ने केशव प्रसाद मौर्य को पछाड़ कर आगे निकल गईं और 6841 वोटों से केशव प्रसाद मौर्य को हरा दिया। आपको बता दें कि पल्लवी पटेल केंद्र में मंत्री अनुप्रिया पटेल की बहन हैं और अपना दल (कमेरावादी) में अपनी मां कृष्णा पटेल संग इस बार अखिलेश के साथ हैं।

फर्रुखाबाद: जनता ने फिर लुईस खुर्शीद को नकारा, भाजपा को चुना
फर्रुखाबाद विधानसभा सीट से कांग्रेस ने पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की पत्नी लुईस खुर्शीद को मैदान में उतारा था। लुईस खुर्शीद का मुकाबला भाजपा प्रत्याशी मेजर सुनील दत्त द्विवेदी, सपा की सुमन शाक्य और बसपा के विजय कुमार कटियार था। इस सीट पर भाजपा के मेजर सुनील दत्त की जीत हुई है, जबकि लुईस खुर्शीद चौथे नंबर पर हैं। बता दें कि पिछले चुनाव में लुईस खुर्शीद 5वें नंबर पर रहीं थीं।

आगरा ग्रामीण: बेबी रानी मौर्य भारी बहुमत से जीतीं
आगरा ग्रामीण विधानसभा सीट से भाजपा की दिग्गज नेता बेबी रानी मौर्य 63 हजार से ज्यादा वोटों से जीती हैं। उन्होंने बसपा प्रत्याशी किरण प्रभा केसरी को हराया है। बेबी रानी मौर्य को 1,19,952 और उनकी प्रतिद्वंदी किरण प्रभा को 56,380 वोट मिले। साल 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की हेमलता दिवाकर यहां से विधायक बनी थीं।

हस्तिनापुर सीट: वोटर्स पर नहीं चला बिकिनी गर्ल का जादू
हस्तिनापुर विधानसभा सीट से बिकिनी गर्ल के नाम से पहचानी जाने वालीं कांग्रेस की प्रत्याशी अर्चना गौतम चुनाव हार गई हैं। हस्तिनापुर में एक बार फिर भाजपा के विधायक दिनेश खटीक जीते। अर्चना गौतम का मुकाबला भाजपा प्रत्याशी दिनेश खटीक, सपा के योगेश वर्मा और बसपा के संजीव कुमार से था। बिकिनी पहनने की वजह से अर्चना गौतम का हिंदूवादी संगठनों ने जमकर विरोध भी किया।

 अमेठी: कांग्रेस के गढ़ में महराजी की साइकिल दौड़ी
अमेठी विधानसभा सीट पर दुष्कर्म मामले में जेल में बंद कद्दावर नेता गायत्री प्रजापति की पत्नी और सपा प्रत्याशी महराजी प्रजापति 15 हजार से अधिक वोटों से जीती हैं। भाजपा ने इस बार अमेठी विधानसभा से डॉ. संजय सिंह, कांग्रेस ने आशीष शुक्ला, बसपा ने रागिनी और आम आदमी पार्टी ने अनुराग को यहां से अपना उम्मीदवार बनाया है। छोटे-बड़े दलों के प्रत्याशी और निर्दलीय प्रत्याशी मिलाकर इस सीट से कुल 13 प्रत्याशियों ने चुनाव में अपनी किस्मत आजमाई। कांग्रेस अपने पुराने गढ़ अमेठी में अब तीसरे नंबर की पार्टी बन गई है।

 डुमरियागंज सीट: सैयदा खातून ने राघवेंद्र प्रताप सिंह को दी शिकस्त
डुमरियागंज विधानसभा सीट से सपा प्रत्याशी सैयदा खातून जीतीं। उन्होंने भाजपा के विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह को हराया। बता दें कि पिछले विधानसभा चुनाव में सैयदा खातून सिर्फ 171 वोटों से भाजपा प्रत्याशी राघवेंद्र से हारी थीं। उस वक्त वे बसपा से चुनाव लड़ी थीं।

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