अमेरिका ने अपनी परमाणु पनडुब्‍बी यूएसएस नेवादा को जापान के पास किया तैनात, सख्‍तें में ये देश

वॉशिंगटन। हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता (Security and stability of the Indo-Pacific region) के लिए निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाने के लिए अमेरिका ने बड़ा कदम उठाया है. अमेरिका की परमाणु पनडुब्‍बी यूएसएस नेवादा (US nuclear submarine USS Nevada) को जापान के पास गुआम द्वीप के एक दुर्लभ बंदरगाह पर तैनात (stationed near japan) किया गया है. फिलहाल इस पर कई विश्लेषकों का कहना है कि जापान(Japan) में अपनी सबसे घातक हथियारों में से एक यूएसएस नेवादा परमाणु पनडुब्‍बी (US nuclear submarine USS Nevada) को तौनात कर अमेरिका(america) ने अपने सहयोगियों और विरोधियों को खास संदेश देने की कोशिश की है.

बताया जा रहा है कि बीते लंबे समय से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में तनाव बढ़ता देखा गया है. जिस पर लगाम लगाने के लिए अमेरिका को यह कदम उठाना पड़ा है. वहीं अमेरिकी नौसेना का कहना है कि जापान के बंदरगाह पर अमेरिका की परमाणु पनडुब्‍बी यूएसएस नेवादा को तैनात किए जाने से इस क्षेत्र में हमारे सहयोगियों और उनके बीच के रिश्ते मजबूत होंगे. अमेरिकी नौसेना का कहना है कि ऐसा करने से हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को बनाए रखने के लिए अमेरिकी क्षमता के साथ ही उसकी तत्परता का परिचय दिया गया है.
यू.एस. पैसिफिक फ्लीट के कमांडर सबमरीन फोर्स के लिए आधिकारिक ट्विटर अकाउंट की ओर से जानकारी देते हुए कुछ तस्वीरें पोस्ट की गई हैं. जिसमें अमेरिका की परमाणु पनडुब्‍बी यूएसएस नेवादा को जापान के पास गुआम द्वीप पर देखा जा सकता है. इसके साथ ही कैप्शन में बताया गया है कि ‘गुआम में यूएसएस नेवादा (एसएसबीएन 733) का स्वागत है! ओहियो-श्रेणी की बैलिस्टिक-मिसाइल सबमरीन की यात्रा हमारे परमाणु की क्षमता और लचीलेपन को प्रदर्शित करती है जो क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के लिए अमेरिका की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है.’
खबरों के अनुसार बीते हफ्ते के आखिर में जापान के गुआम द्वीप के एक बंदरगाह पर अमेरिकी नौसेना की सबसे शक्तिशाली यूएसएस नेवादा पनडुब्बी अचानक पहुंच गई. फिलहाल इस ओहियो-क्लास की परमाणु शक्ति वाली पनडुब्बी में 20 ट्राइडेंट बैलिस्टिक मिसाइल और दर्जनों परमाणु हथियार लैस है. जिसे अमेरिकी प्रशांत द्वीप क्षेत्र में यूएस नेवी के बेस पर तैनात किया गया है.
बीते दिनों चीन और ताइवान के बीच गरमागरमी की खबरों के बीच अमेरिका ने उत्तर कोरिया, चीन और रूस पर पकड़ बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया है. बताया जा रहा है कि यूएसएस नेवादा परमाणु पनडुब्‍बी इतनी शक्तिशाली है कि यह पानी के अंदर तकरीबन 77 दिनों तक रह समुद्री सीमा की निगरानी कर सकती है.