गणतंत्र दिवस परेड नहीं आएंगे विदेशी मेहमान, ये है बड़ी वजह

नई दिल्ली । दिल्ली में 26 जनवरी (26 January) को गणतंत्र दिवस की परेड (Republic Day Parade) में इस साल मुख्य अतिथि के तौर पर कोई विदेशी राष्ट्राध्यक्ष शिरकत नहीं करेंगे. केंद्र सरकार (Central Government) से जुड़े सूत्रों ने इस बात की जानकारी दी है कि इस समारोह के लिए सरकार की किसी भी अन्य देश के गणमान्य नागरिक को आमंत्रित नहीं करेगी. दरअसल हर साल गणतंत्र दिवस के मौके पर राजपथ पर होने वाली परेड में विदेशी राष्ट्राध्यक्ष को आमंत्रित करने की परंपरा है.

इससे पहले ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि 5 बड़े देशों के प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति को गणतंत्र दिवस समारोह के लिए आमंत्रण दिया जा सकता है लेकिन कोविड-19 से जुड़े हालातों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस साल किसी भी विदेशी अतिथि को आमंत्रित नहीं करने का फैसला किया है. सरकार से जुड़े सूत्रों ने यह बताया है.

पिछले साल गणतंत्र दिवस की परेड कोविड-19 प्रतिबंधों (Covid-19 Protocals) के बीच संपन्न हुई थी जिसमें सिर्फ 25 हजार लोगों को शामिल होने की अनुमति दी गई थी. जबकि इस साल यह संख्या 24 हजार के लगभग हो सकती है. शनिवार को रक्षा मंत्रालय से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी शेयर की. वहीं 2020 में भारत में कोरोना महामारी से पहले 26 जनवरी पर आयोजित होने वाले समारोह में करीब सवा लाख लोग शामिल हुए थे.

भारत सरकार के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गणतंत्र दिवस समारोह अब हर साल 24 जनवरी के बजाय 23 जनवरी से शुरू होगा. 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती है. इसके अलावा सूत्रों ने यह भी बताया है कि कोरोना से जुड़ी स्थिति को देखते हुए गुजरात समिट भी वर्चुअली संपन्न होगा. वहीं दिल्ली पुलिस ने गणतंत्र दिवस परेड की रिहर्सल को लेकर शनिवार को ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की. इस एडवाइजरी के अनुसार, राजपथ पर सोमवार, मंगलवार, गुरुवार और शुक्रवार को विजय चौक से इंडिया गेट तक परेड की रिहर्सल होगी.

गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान खुफिया एजेंसियों ने आतंकी हमले का अलर्ट जारी किया है. इसके मद्देनजर भारी संख्या में सुरक्षाबलों को तैनात किया जाएगा. इंटेलीजेंस एजेंसियों की मानें तो, आतंकी संगठन हाई प्रोफाइल नेता और सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बना सकते हैं. इसके अलावा भीड़भाड़ वाली जगह और मार्केट भी आतंकियों के निशाने पर हो सकते हैं.