अमेरिका ने रूस को दी चेतावनी, यूक्रेन पर अटैक किया तो बर्बाद होगा रूस

वॉशिंगटन। अमेरिका(America) ने रूस(Russia) को चेतावनी दी है कि अगर उसने यूक्रेन पर हमला(attack on ukraine) किया तो उसे आर्थिक रूप से तबाह (financially devastated) कर दिया जाएगा। यूक्रेन(ukraine) पर तनाव (Tension) के बीच सोमवार को जिनेवा में अमेरिका व रूस के शीर्ष कूटनीतिक अधिकारियों की बैठक (Top diplomatic officials of America and Russia meeting in Geneva) होने वाली है। लेकिन बैठक से पहले बाइडन प्रशासन ने साफ कर दिया कि रूस के यूक्रेन में पीछे हटने तक कोई समझौता नहीं होगा।
बाइडन प्रशासन ने कहा, अगर रूस पीछे नहीं हटा तो अमेरिका यूरोप में अपनी रणनीतिक उपस्थिति में बढ़ोतरी करेगा। वहीं, अगर रूस पीछे हटता है, तो बाइडन प्रशासन यूक्रेन में मिसाइलों की तैनाती और पूर्वी यूरोप में नाटो के सैन्य अभ्यासों में कमी लाने पर रूस के साथ चर्चा के लिए तैयार है।
इसके साथ ही बाइडन प्रशासन के अधिकारियों ने साफ किया कि अगर रूस यूक्रेन पर हमला करता है, तो रूस को आर्थिक रूप से तबाह कर दिया जाएगा। अमेरिका और सहयोगी देश न केवल रूस के सरकारी संस्थाओं पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाएंगे, बल्कि रूस की आर्थिक मोर्चे पर घेराबंदी कर उसे दुनिया के सबसे खराब आर्थिक हालात वाले देशों की श्रेणी में पहुंचा दिया जाएगा।

ठप हो जाएंगे रूस के उद्योग
अमेरिका ऊर्जा और उपभोक्ता वस्तुओं के साथ ही एडवांस इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट, सॉफ्टवेयर प्रोद्योगिकी के रूसी निर्यात पर प्रतिबंध लगा सकता है। इससे रूस को इंटीग्रेटेड सर्किट व संबंधित उत्पाद नहीं मिलेंगे, इससे रूस के एयरक्राफ्ट एवयोनिक्स, मशीन टूल्स, स्मार्टफोन, गेम कंसोल, टैबलेट, टीवी, आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे तकनीकी उद्योग धाराशायी हो जाएंगे।

अमेरिकी पहल का जवाब नहीं दे रहा रूस
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि रूस से अब तक जवाब न मिलन से यूक्रेन में तनाव कम करने के लिए व्हाइट हाउस की तरफ से टेलीफोन के जरिये की गई पहल खतरे में है। अमेरिका ने रूस से यूक्रेन सीमा पर सैन्य उपस्थिति घटाने का आग्रह किया था, लेकिन रूस ने अभी तक इस पर फैसला नहीं किया है। अधिकारी ने कहा कि यूक्रेन पर रूसी हमला हुआ तो अमेरिका कदम उठाएगा।

पूर्वी यूरोप में सैन्य उपस्थिति नहीं घटाएगा अमेरिका
इस बात की अभी कोई संभावना नहीं दिख रही है कि रूस की मांग के मुताबिक, अमेरिका पूर्वी यूरोप में अपनी सैन्य उपस्थिति को कम करे।