ब्रिटेन में रोजाना मिल रहे 2 लाख से ज्‍यादा कोरोना मरीज, जानें पीएम जॉनसन क्‍यों नहीं लगा रहे लॉकडाउन

लंदन। ब्रिटेन (Britain) में कोरोना वायरस (Coronavirus) के बढ़ते मामलों ने सरकार की नींद भले ही उड़ा दी हो, लेकिन वो कड़े फैसले लेने को तैयार नहीं है. मंगलवार को यहां दो लाख से ज्यादा केस दर्ज (More than two lakh cases registered) किए गए. पिछले कुछ वक्त से संक्रमण के मामलों में लगातार हो रही बढ़ोत्तरी के मद्देनजर माना जा रहा था कि सरकार लॉकडाउन (Lockdown) जैसे कड़े कदम उठा सकती है, लेकिन प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (PM Boris Johnson) ने इससे इनकार कर दिया है. उन्होंने कहा है कि फिलहाल लॉकडाउन (Lockdown) नहीं लगाया जाएगा.
ब्रिटेन में कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन (Omicron) की रफ्तार में भी तेजी आई है. जिस तरह से मामले बढ़ रहे हैं, उसे देखते हुए एक्सपर्ट्स कड़े नियम लागू करने की सलाह दे रहे हैं, लेकिन सरकार इसके लिए फिलहाल तैयार नहीं. प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने मंगलवार को कहा कि आर्थिक गतिविधियों को बंद किए बिना भी इंग्लैंड COVID-19 संक्रमण को बेकाबू होने से रोक सकता है.
प्रधानमंत्री जॉनसन ने इंग्लैंड में कड़े लॉकडाउन उपायों को लागू करने का विरोध किया है. उनका कहना है कि वैक्सीन की बूस्टर डोज और लोगों को सावधानी बरतने के लिए जागरूक करना कोरोना की नई लहर को रोकने के लिए पर्याप्त है. बता दें कि यूके में मंगलवार को 218,724 नए COVID मामले सामने आए, जो एक दिन में दर्ज मामलों में सबसे ज्यादा हैं.
ब्रिटेन के मुख्य चिकित्सा अधिकारी क्रिस व्हिट्टी ने कहा कि कोरोना के मामलों में वृद्धि के साथ मृत्यु दर में वृद्धि नहीं हुई है, इसलिए फिलहाल सरकार लॉकडाउन जैसे उपायों पर गौर नहीं कर रही. वहीं, पीएम जॉनसन ने कहा कि आइसीयू में भर्ती 60 फीसदी मरीजों ने कोरोना का टीका नहीं लिया है. हमारी कोशिश ज्यादा से ज्यादा लोगों को टीका लगाने की है, ताकि संक्रमण फैलने की आशंका को सीमित किया जा सके. उधर, इटली में भी एक दिन में 170,844 मामलों की पुष्टि हुई है.