घर में लगाएं ये एक तस्‍वीर, घर में बना रहेगा धन-वैभव, पैसों की नही होगी कमी

नई दिल्‍ली: धन की देवी लक्ष्‍मी जी (Lakshmi ji) की कृपा पाने के लिए कई लोग उनकी पूजा करते हैं. अपने घर-दफ्तर में उनकी तस्‍वीर-मूर्ति स्‍थापित करते हैं. विधि-विधान (legislation) से स्‍थापित की गईं मां लक्ष्‍मी अपार पैसा और सुख देती हैं. लेकिन मां लक्ष्‍मी की मूर्ति-तस्‍वीर चुनने में की गई गलती नुकसान करा देती है. यदि आप चाहते हैं कि आप हमेशा धन-वैभव (wealth) के साथ जीवन बिताएं तो मां लक्ष्‍मी की मूर्ति या तस्‍वीर अपने घर में जरूर रखें और कुछ जरूरी बातों का ध्‍यान रखें.

ऐसी हो मां लक्ष्‍मी की तस्‍वीर
वास्‍तु शास्‍त्र, धर्म और ज्‍योतिष (Astrology) के मुताबिक मां लक्ष्‍मी की सही तस्‍वीर या मूर्ति का घर में होना बहुत शुभ होता है. इससे घर में कभी भी पैसों की तंगी नहीं होती है और व्‍यक्ति हमेशा धनवान बना रहता है. इसके लिए मां लक्ष्‍मी की तस्‍वीर-मूर्ति चुनते समय इन बातों का ध्‍यान रखें.

– मां लक्ष्‍मी कमल पुष्‍प के आसन पर बैठी हों और साथ में हाथी भी हों तो ऐसी तस्‍वीर को बहुत शुभ माना गया है. यदि हाथी अपनी सूंड में कलश लिए हुए हैं तो यह तस्‍वीर घर में अपार सुख-समृद्धि(happiness and prosperity) देती है.

– मां लक्ष्‍मी कमल के फूल पर बैठी हुईं हों और हाथी सिक्‍कों की बारिश कर रहे हों, ऐसी तस्‍वीर घर में लगाना खूब धन-वैभव देता है.

– मां लक्ष्‍मी के साथ यदि भगवान विष्‍णु (Lord Vishnu) हों तो दोनों की कृपा से घर में कोई संकट नहीं रहता है. पूरा घर खुशहाली से जीवन बिताता है.

भारी पड़ेगी ये गलती
घर में गलती से भी मां लक्ष्‍मी की खड़ी हुई फोटो न लगाएं. मां लक्ष्‍मी की खड़गासन मुद्रा वर्कप्‍लेस पर लगाना ठीक है लेकिन घर में लगाना खुद को गरीबी को न्‍योता देना है. इसी तरह लक्ष्‍मी जी और गणपति की फोटो लगाने से धन की देवी नाराज हो जाती हैं. मां लक्ष्‍मी भगवान विष्‍णु की पत्‍नी हैं, लिहाजा दीपावली को छोड़कर उनके साथ भगवान गणेश की फोटो न लगाएं. ऐसी फोटो जिसमें मां लक्ष्‍मी अपने वाहन उल्‍लू पर विराजमान हो, उसे लगाना भी अशुभ होता है.

नोट– उपरोक्त दी गई जानकारी व सूचना सामान्य उद्देश्य के लिए दी गई है। हम इसकी सत्यता की जांच का दावा नही करतें हैं यह जानकारी विभिन्न माध्यमों जैसे ज्योतिषियों, धर्मग्रंथों, पंचाग आदि से ली गई है । इस उपयोग करने वाले की स्वयं की जिम्मेंदारी होगी ।